मऊ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने जालसाजी और कूटरचना के मामले में दो आरोपियों को सुनवाई के बाद दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद दोनों को दो-दो वर्ष की सजा के साथ ही कुल 7 -7 हजार अर्थदंड लगाया। मामला रानीपुर थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार 14 मार्च 2001 के पूर्व व बाद में आरोपीगण खुरहट टेलीफोन एक्सचेंज से विभाग को धोखा देने के उद्देश्य से चोरी से टेलीफोन लाइन का उपयोग किया। आरोप है कि आरोपीगण ने षड्यंत्र कर टेलीफोन विभागको लगभग पांच लाख रूपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई।
मामले में रानीपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर निवासी इंद्रदेव तिवारी पूरन निवासी प्रहलाद आज के विरुद्ध फिर दर्ज कर बात विवेचना आरोपित न्यायालय में प्रेषित किया गया न्यायालय में अभियोजन की ओर से परिधि करते हुए अभियोजन अधिकारी हरेंद्र सिंह ने अभियोजन का पक्ष रखा बचाव पक्षी कहा गया कि उन्हें झूठा बताया गया है सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष का अवलोकन करने के बाद आरोपी इंद्रदेव तिवारी और प्रहलाद उर्फ मुन्ना को दोषी पाते हुए दो साल की सजा सुनाया।
जालसाजी के दोषी को दो वर्ष की सजा
मऊ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने जालसाजी के मामले में नामजद दो आरोपियों मे एक आरोपी हौसला को दोषी पाते हुए 2 वर्ष की सजा के साथ ही कुल 15 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। मामला कोतवाली नगर क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार पहाड़पुरा निवासी नजीर अहमद नोमानी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें रानीपुर थाना क्षेत्र के खंडेराय निवासी हौसला सिंह व दिनेश सिंह को नामजद किया। वादी का आरोप है कि आरोपीगण उसका पैसा हड़पने के लिए वास्तविक तथ्यों को छुपाते हुए जमीन का बैनामा के नामपर जालसाजी किया। सीजेएम ने आरोपी हौसला को जालसाजी दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद उसे 2 वर्ष की सजा के साथ ही कुल 15 हजार अर्थदंड लगाया। आरोपी दिनेश सिंह की मौत होने के चलते उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्यवाही समाप्त कर दिया।