उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ का मंडलीय सम्मेलन बुधवार को नगर
क्षेत्र के पुरानी तहसील स्थित एक गेस्ट हाउस में संपन्न हुआ।
जिसमें
वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण करे।
नहीं तो आने वाले चुनाव में खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश राज्य
कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि देश और प्रदेश का
माहौल बिगड़ रहा है। सरकार देश के कर्मचारियों और मजदूरों की समस्याओं को
सुलझाने के बजाए धार्मिक उन्मादों एवं अन्य मुद्दों के सहारे सत्ता में बने
रहना चाहती है। अब प्रदेश का कर्मचारी जाग चुका है।
उन्होंने कहा कि सरकार
मानदेय कर्मियों को न्यूनतम मजदूरी 15000 देने, पुरानी पेंशन व्यवस्था
बहाल करने, 33 साल या 60 साल की सेवा पर सेवानिवृत्त करने का विचार वापस
लेने और सभी को न्यूनतम पेंशन तीन हजार देने आदि मांगों को सरकार पूरा नहीं
करेगी
तो प्रदेश के 2017 का चुनाव और देश का 2019 का चुनाव में नेताओं को
बाहर का रास्ता दिखाने का काम कर्मचारी एवं मजदूर मिलकर करेंगे।
प्रदेश के
महामंत्री बजरंग बली यादव ने कहा कि 2016 संघर्षों का वर्ष होगा। सम्मेलन
में मुख्य रूप से कृतार्थ सिंह, राकेश चौधरी, मुतकजबा हुसैन, रामजन्म रावत,
अशोक, मनोज सिंह, अशोक सिंह, संतोष तिवारी, सुरेंद्र आदि रहे।