मऊ। छठ महापर्व को देखते हुए पुलिस की ओर से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। शाम को व्रती महिलाओं के नदियों, सरोवरों की ओर जाने वाली सड़कों पर सुविधा के लिए मुख्य मार्गों पर डायवर्जन किया था। जिससे व्रती महिलाएं सुविधापूर्वक घाटों पर जा सकें।
पुलिस अधीक्षक घुले सुशील चंद्रभान ने प्रमुख मार्गों से लेकर घाटों तक हर प्वाइंट पर पुलिस की तैनाती करने के निर्देश दिए थे। गाजीपुर तिराहे से ढेकुलिया घाट और भीटी पुल के पास तक व्रती महिलाओं को सुगमता पूर्वक तमसा नदी के घाटों तक पहुंचने की व्यवस्था की गई थी। सभी तिराहों चौराहों पर पुलिस के जवानों की ड्युटी लगाई गई थी।
शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिए सादे वेश में पुरुष और महिला आरक्षियों की डयुटी लगाई गई थी। घाटों पर थोड़ी थोड़ी दूरी पर सिपाहियों की तैनाती की गई थी। ब्रह्म स्थान स्थित सरोवर पर समाजसेवी संस्थाओं की ओर से घाटों पर विद्युत और सजावट की आकर्षक व्यवस्था की गई थी। यहां पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की व्यवस्था की गई थी। तमसा नदी में सुरक्षा के तहत नावों से पुलिस भीड़ भाड़ वाले घाटों पर निगरानी कर रही थी।
उधर दोहरीघाट में पवित्र सरयू नदी के घाटों पर व्रती महिलाओं की भीड़ रही। वहां पर सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेटिंग की गई थी। व्रती महिलाओं से कहा गया था कि वे बेरिकेटिंग के बाहर न जाएं। घाटों पर प्रकाश की बेहतर व्यवस्था की गई थी।सरयू नदी में नावों से पुलिस निगरानी करती रही। शाम को भगवान भास्कर के अस्तांचल की ओर से चले जाने के बाद व्रती महिलाएं जल से बाहर निकलीं और छठ गीत गाते हुए अपने घरों की ओर प्रस्थान कीं। इस दौरान शहर से लेकर कसबों तक पुलिस की चुस्त दुरुस्त व्यवस्था देखी गई। शहर में सीओ सिटी नरेश कुमार सभी प्रमुख मार्गों पर चक्रमण करते रहे। उधर कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर राम सिंह भी दल बल चक्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।