अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान मऊ एसपी के आदेश पर मुख्तार गैंग के तीन ठेकेदारों का लाइसेंस निरस्त किया गया। आरोप है तीनों ठेकेदारों ने तथ्यों को छुपाकर लाइसेंस प्राप्त किया। इससे होने वाली आय से मुख्तार को लाभ पहुंचाने का काम कर रहे थे।
लाइसेंस प्राप्त करने वाले ठेकेदारों में कमला सिंह और माया सिंह शहर कोतवाली के भीटी मोहल्ले की तथा बृजनाथ सिंह सरायलखंसी थाना क्षेत्र के आदेडीह गांव के निवासी है। पुलिस ने बताया कि तीनों को जारी ठेकेदारी का लाइसेंस बीते 26 अक्तूबर को जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल ने पुलिस द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर निरस्त किया है।
बताया जाता है कमला सिंह को बीते 18 अक्तूबर 2019 को जारी हुआ था। लाइसेंस प्राप्त करने के समय कमला सिंह ने शपथ पत्र में अपने पुत्र का अपराधिक इतिहास नहीं दर्शाया था। कमला सिंह के पुत्र जयप्रकाश सिंह के मुकदमा दर्ज कराया गया है। जांच में पता चला कि कमला सिंह की उम्र (60) है। ऐसे में पिता के नाम पर मिले लाइसेंस पर उनका पुत्र जयप्रकाश सिंह ठेकेदारी करता है।