मऊ। स्वच्छ भारत मिशन फेज दो के तहत तीन नगर पंचायत को ओडीएफ प्लस-प्लस में चुना गया है। नगरपालिका सहित सात नगर पंचायतों को झटका लगा है। इसे ओडीएफ प्लस प्लस की सूची में स्थान नहीं मिल सका है। पिछले महीने शासन स्तर से आई टीम ने जिले की एक नगरपालिका सहित 10 नगर पंचायतों में सर्वे कर जमीनी हकीकत देखी थी। इस दौरान टीम ने सामुदायिक, सार्वजनिक शौचालयों, खुले में शौचमुक्त की जांच की गई थी। शनिवार को शासन से जारी जारी में जनपद के तीन नगर पंचायतों को ओडीएफ प्लस-प्लस में शामिल किया गया है।
ओडीएफ प्लस-प्लस में शामिल होने के सामुदायिक शौचालय पर सारी व्यवस्थाएं परिपूर्ण होनी चाहिए। इसमें शामिल होने के लिए कुल 20 से अधिक मानक को पूरा करना पड़ता है। 116 वर्ग किमी में फैली मऊ नगरपालिका में 45 वार्ड की आबादी तीन लाख 44 हजार है। इसके साथ ही दोहरीघाट, अमिला, घोसी, कोपागंज, अदरी, मुहम्मदाबादगोहना, वलीदपुर, चिरैयाकोट, मधुबन, कुर्थीजाफरपुर सहित 10 नगर पंचायतें है। लखनऊ से आई टीम ने नगरपालिका और नगर पंचायतों में सर्वे किया था। टीमें ने शौचालयों में हवा, पानी, बिजली, सेप्टि टैंक, साफ-सफाई, वाल पेंटिंग, दरवाजा, कुंडी, शौचालय पर गमले की स्थित, इंडिकेटर आदि सहित विभिन्न बिदुओं की जांच हुई थी। ये सब मानक पूरा करने के बाद दोहरीघाट, अमिला, अदरी नगर पंचायतों को ओडीएफ प्लस प्लस में शामिल किया गया है। जबकि नगरपालिका सहित सात नगर पंचायतों को मायूसी मिली है। ओडीएफ प्लस प्लस में शामिल होने के लिए सामुदायिक शौचालय को विशेष प्राथमिकता दी जाती है।
क्या है ओडीएफ प्लस
मऊ। ओडीएफ प्लस यानी ऐसी नगर पंचायत जहां खुले में शौच पर पूर्ण पाबंदी हो, सामुदायिक शौचालय की व्यवस्था हो। जहां पर केयरटेकर की तैनाती, समय समय पर उसकी मरम्मत कार्य कराया जाए। डेंटिंग पेंटिंग सुसज्जित हो सहित अन्य व्यवस्थाएं होनी चाहिए। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार का कहना था कि नगर पंचायत दोहरीघाट, अमिला, अदरी को ओडीएफ प्लस प्लस में शामिल किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर शहर, गांव को स्वच्छ रखने की निरंतर कोशिश की जा रही है। इसके अलावा, लोगों को जागरुक भी किया जाता है। बताया कि नगरपालिका में एमआरएफ सेंटर बनकर तैयार हो गया है। कूड़ा निस्तारण प्लांट जल्द ही चालू हो जाएगा। अगली बार ओडीएफ प्लस प्लस तथा जीएफसी के लिए अप्लाई किया जाएगा।