दोहरीघाट। गंगा दशहरा पर बृहस्पतिवार को कस्बे के रामघाट पर आस्था का ज्वार सरयू नदी के किनारे उमड़ा। जहां हजारों स्नानार्थियों ने सरयू नदी में डुबकी लगाई। वहीं दान-पूण्य कर स्वजनों की सलामती की मन्नत मांगी। मनोकामना पूरी करने के लिए सरयू माता का विधि विधान से पूजन-अर्चन किया। नदी तट पर दान करते हुए मंदिरों में दर्शन-पूजन कर मत्था टेका।
कस्बा के रामघाट पर भोर से ही दूर- दूर से श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। भक्तों ने सरयू नदी में डुबकी लगाई और फिर दान कर मां सरयू का पूजन- अर्चन किया। इसके बाद प्रमुख मंदिरों में मत्था टेकने पहुंचे। रामघाट पर स्थित हनुमान मंदिर पर सुबह से ही भक्तों का रेला लगा रहा। सरयू माता को पुड़ी-हलवा चढ़ाया और सेहरा चढ़ाने के लिए महिलाएं मंगल गीत के साथ नाव पर सवार होकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सेहरा चढ़ाया। रामघाट पर दोपहर तक स्नान करने वालों की भीड़ जमा रही। महिलाओं ने स्नान करने के बाद गरीबों को दान पुण्य किया। घाटों पर गहरे पानी में न जाकर स्नान करने की मनाही नाविक करते रहे। पूरे दिन गाजे-बाजे के साथ श्रद्धालु अपनी मनौती पूरी होने को लेकर सरयू मां का पूजन-अर्चन करते रहे। नगर पंचायत और प्रशासन द्वारा घाटों पर लोगों की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई उपाय किए गए थे। घाटों पर महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। साथ ही नदी में लोगों के सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय नाविकों की नावों की भी सुरक्षा में लगाया गया था।