मऊ। बेसिक शिक्षा विभाग में अनामिका प्रकरण का खुलासा होने के बाद अब उच्च शिक्षण संस्थानों में तैनात प्राध्यापकों के शैक्षिक अभिलेखों का भौतिक सत्यापन होगा। शासन के फरमान पर उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध जिले के दो राजकीय महाविद्यालय तथा चार सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में तैनात प्राध्यापकों के नियुक्ति, प्रोन्नति, शैक्षिक अभिलेखों आदि की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इसके साथ दो उप समितियां काम करेगी।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध जिले में दो राजकीय तथा चार सहायता प्राप्त डिग्री कालेजों में 80 प्राध्यापक तैनात हैं। गत माह बेसिक शिक्षा विभाग में हेराफेरी कर अनामिका नाम की एक शिक्षिका के नाम पर कई जिलों में फर्जी नियुक्ति का पर्दाफाश हुआ था। प्रकरण के खुलासा के बाद शासन के निर्देश पर उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से राजकीय तथा सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में तैनात प्राध्यापकों की नियुक्ति, प्रोन्नति, शैक्षिक अभिलेखों की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी समस्त दस्तावेजों की जांच पड़ताल करेगी।
निदेशालय से राजकीय महिला महाविद्यालय बगलीपिजड़ा के प्राचार्य डॉ. मुनीब शर्मा को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। शासन के आदेश के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा नामित अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित होगी। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक सदस्य, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी सदस्य सचिव होंगे। यह मुख्य कमेटी होगी। इसके निर्देशन में दो अलग-अलग उप समितियां काम करेंगी।
राजकीय महाविद्यालयों में जांच के लिए उपजिलाधिकारी सदर, डॉ. हुरतलब वरिष्ठ प्रवक्ता, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी उप समिति गठित की गई है। जबकि सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में जांच के लिए उपजिलाधिकारी मुहम्मदाबादगोहना, डॉ. सतीश चंद्र, राजकीय महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. रामनाथ यादव उप समिति गठित होगी। दोनों उप समितियां अपनी रिपोर्ट मुख्य कमेेटी को भेजेगी।
मुख्य कमेटी जांच कर अपनस्त्रत्त्ी निदेशालय को भेजेगी। इस बाबत क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. ज्ञानप्रकाश वर्मा का कहना है कि राजकीय, सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में तैनात प्राध्यापकों के समस्त दस्तावेजों का सत्यापन करने के लिए टीम गठित कर दी गई है। जांच प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही कार्य पूरा कर लिया जाएगा।