नए आदेश के तहत 50 से अधिक छात्र संख्या और एक किमी से अधिक दूरी के विद्यालयों का विलय रद्द किया जाएगा। इसके लिए विभाग एक बार फिर विलय किए गए स्कूलों का सर्वे कराएगा। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से टीम गठित की गई है। 210 विद्यालयों का पहले चरण में विलय हुआ है।
टीम तीन दिन के अंदर रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौपेंगी। जिले में 1208 परिषदीय विद्यालयों में 1.10 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। परिषदीय विद्यालयों में नया शिक्षा सत्र एक अप्रैल से शुरू हुआ।
शासन की तरफ से 50 से कम छात्र संख्या वाले 340 विद्यालयों को नजदीक के विद्यालयों में विलय किया जाना प्रस्तावित किया गया है। एक जुलाई को स्कूल खुले तो 50 से कम नामांकन वाले स्कूलों का विलय निकटतम परिषदीय स्कूलों में करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
घोसी लोकसभा सांसद और शिक्षक संगठन, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन समितियों के विरोध के बाद भी विभाग की तरफ से प्रथम चरण में खंड शिक्षा अधिकारियों की सहायता से 210 स्कूलों का विलय किया गया।
अब नया आदेश है कि एक किमी से अधिक दूरी वाले स्कूलों का विलय निरस्त किया जाएगा। शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से टीम गठित की गई है। टीम तीन दिन के अंदर रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौपेंगी।
अभिभावकों की मानें तो विभाग के नए-नए आदेश से पठन पाठन पर विपरीत असर पड़ रहा है। पूरा जुलाई महीना स्कूलों के विलय की प्रक्रिया में बीत गया। अब विलय रद्द होगा तो इसमें भी काफी समय लगेगा। ग्रीष्मकालीन अवकाश में ही यह प्रक्रिया पूरी होना चाहिए था।
एक किमी से अधिक दूरी वाले स्कूलों का विलय निरस्त किए जाने के मामले में टीम गठित की गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
-संतोष कुमार उपाध्याय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी