मऊ। नगर पालिका ने रेलवे से विशेष अनुबंध कर बनाई गई सईदी मार्ग अब पूरे चर्चित हो गया है। सिर्फ 600 मीटर वाले इस मार्ग पर एक करोड़ 34 लाख खर्च करने के बाद सड़क की पांच साल की गारंटी थी, लेकिन यह दो साल के अंदर ही क्षतिग्रस्त हो गई।
इस मार्ग की समस्या को अमर उजाला द्वारा प्रकाशित करने के बाद मामले को सपा सांसद राजीव राय ने सोमवार को संसद में रेल मंत्री के समक्ष उठाया, साथ ही इस मामले में इससे हो रही समस्याओं के निदान की मांग की।
उधर बीते सितंबर माह से टाल मटोल कर रहे रेलवे के जिम्मेदारों से अब उम्मीद है कि शायद वह अब इस मामले को लेकर गंभीरता दिखाते हुए इसको लेकर कोई ठोस कदम उठाए। जहां सड़क की चौड़ाई 21 फीट तक होने के बाद रेलवे द्वारा तय कार्यदायी संस्था द्वारा वर्ष 2022 में इस छह सौ मीटर सड़क का कार्य एक करोड़ से ज्यादा राशि से किया गया।
सड़क बनाने के समय कार्यदायी संस्था द्वारा पांच साल तक इस सड़क की गारंटी दी गई थी, बावजूद सड़क बनने के कुछ माह बाद जून माह 2022 में पहली बारिश में कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस समस्या को अमर उजाला द्वारा एक जूलाई 2022 को गिटि्टयों ने छोड़ा तारकोल का साथ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था, बावजूद नगर पालिका के जिम्मेदारों और रेलवे के जिम्मेदारी की मानीटरिंग न करने के चलते संबंधित ठेकेदार द्वारा कुछ दूर मेटेनेंस कार्य कर छोड़ दिया गया।
उधर वर्तमान में छह सौं मीटर की इस सड़क पर सैकड़ों गड्ढे बन गए थे, स्थिति यह था कि बीते सितंबर माह में बारिश के बाद यह मार्ग पूरा तालाब के रूप में तब्दील होने के बाद अमर उजाला द्वारा जनहित में इसे दुबारा दो साल पहले 1 करोड़ से बनी 600 मीटर की सड़क बनी तालाब शीर्षक से प्रकाशित किया गया। वहीं इस संबंध में वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि संसद में उठाया गया मामला मेरे संज्ञान में है, इसकी स्थानीय अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी।
वहीं दूसरी तरफ नगर पालिका ईओ दिनेश कुमार का कहना है कि बदहाल सड़क को लेकर संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ और सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर रेलवे अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है।