सपा नेता मुहम्मद नसीम खान की हत्या मामले में 20 माह से विवेचना लंबित होने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. केपी सिंह ने एसपी मऊ औ एडीजी जोन वाराणसी को नोटिस जारी किया है। विवेचक हलधरपुर थानाध्यक्ष के विरुद्ध कार्रवाई कर रिपोर्ट मांगी है।
इसके साथ ही कार्रवाई के संबंध में न्यायालय को अवगत कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हलधरपुर थाने में 28 मार्च 2024 को मुकदमा पंजिकृत हुआ लेकिन अब तक स्पष्ट प्रगति रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।
थाने से आख्या मिली कि इस मामले में विवेचना चल रही है। हत्या जैसे गंभीर मामले में 20 माह से विवेचना लंबित रहना अत्यंत घोर आपत्तिजनक है और विवेचना पर संदेह उत्पन्न करता है। इससे पहले 8 दिसंबर 2025 में भी नोटिस भेजा गया था।
घटना 8 मार्च 2023 की है। कोपागंज थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव निवासी मुहम्मद नसीम का शव हलधरपुर थाना क्षेत्र के जमालपुुर बुलंद गांव में मिला था, मुंह से झाग निकल रहे थे। पोस्टमार्टम में विषाक्त से मौत की पुष्टि हुई थी।
आरोप के बाद पुन: जांच के लिए पुलिस ने विसरा प्रयोगशाला भेजा था। वहां भी जहर से मौत की पुष्टि हुई थी। भाई मुहम्मद तहसीन की शिकायत व कोर्ट के आदेश पर एक साल बाद 28 मार्च 2024 को जमालपुर बुलंद गांव निवासी अजीत कुमार और जवाहिर गोड़ के विरुद्ध हत्या सहित अन्य मामलों में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
भाई ने आरोप लगाया था कि मुहम्मद नसीम खांन की कार्यशैली और अन्य मामलों को लेकर दोनों रंजिश रखते थे लेकिन कुछ दिन पहले से ही नजदीकियां बढ़ाने लगे थे। 8 मार्च 2023 को की सुबह से ही होली मिलन समारोह के लिए लगातार फोन कर रहे थे।
उसी दिन शाम को उनका शव मिला था। भाई ने बताया कि नसीम खान को जान से मारने की साजिश काफी दिनों से चल रही थी। इसे लेकर नसीम खांन ने अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था उत्तर प्रदेश को 3 फरवरी 2022 को पत्र भेजकर इन्हीं लोगों द्वारा हत्या कराने की आशंका जताई गई थी।