किसानों, बुनकरों और मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कलेक्ट्रेट मुख्यालय पर मंगलवार को धरना-प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए पार्टी के उत्तर प्रदेश राज्य सचिव डा. हीरा लाल यादव ने कहा कि यूपी में किसानों पर प्राकृतिक आपदाओं ने मुसीबतों का पहाड़ ढा दिया है। बेमौसत बरसात, ओलावृष्टि और आंधी पानी से किसानों की फसलों की भारी तबाही हुई है।
इस समय लाखों हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगी फसलें पूरी तरह चौपट हो गई हैं। इसके पूर्व भीषण सूखे की वजह से किसान भारी क्षति उठा चुके हैं।
सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के तरीकों की खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि राहत के नाम पर किसानों को मात्र सौ सौ रुपयों की मदद दी ई है, यह किसानों के घावों पर मरहम की बजाए नमक छिड़कने जैसा है।
डा. यादव ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में किसानों के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्र की सारी जनता प्रभावित हुई है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग किया। प्रधानमंत्री पर बोलते हुए कहा कि क्या किसानों की बरबादी ही मोदी के लिए अच्छे दिन हैं।
पार्टी नेता राम अवतार सिंह ने किसानों के लिए खाद, बीज, सिंचाई के सस्ते साधन, सस्ती बिजली और मनरेगा को पूरी मुस्तैदी से लागू करने की मांग की। कहा कि बुनकरों की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। उन्होंने शहरी गरीबों के लिए भी शहर में भी रोजगार गारंटी योजना संचालित करने की मांग की।
पूर्व जिला मंत्री वीरेंद्र कुमार ने भूम अधिग्रहण बिल तीसरी बार संसद में लाने के मोदी सरकार के प्रयास की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि ऐसा कर मोदी तानाशाही रवैये का परिचय दे रहे हैं। उन्हें किसानों की तनिक भी चिंता नहीं है। इस अवसर पर जिला मंत्री शे मुहम्मद, शिवाकांत मिश्रा, समसुल हक चौधरी, परशुराम, फैज अहमद, रामलाल यादव, नेयाज अहमद, और ब्रह्देव राजभर आदि ने भी संबोधित किया।