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Mau News: दूसरे दिन भी समय से नहीं पहुंचे डाॅक्टर

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मऊ। जिला अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह आठ बजे का है लेकिन यहां इलाज नौ बजे के बाद शुरू होता है। शनिवार को 9:10 बजे तक एक भी डाॅक्टर अपने कक्ष में नहीं पहुंचे थे। यह स्थिति तब है जब 24 घंटे पहले शुक्रवार को सीडीओ के औचक निरीक्षण में 4 डाॅक्टरों समेत 30 स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित मिले थे, जिस पर सीडीओ ने सीएमएस को एक-एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया था। डाॅक्टरों के समय में सुधार लाने के लिए 100 दिन में 3 निरीक्षण किए गए। इसमें दो सीडीओ तो एक जिलाधिकारी ने किया था। शुक्रवार को औचक निरीक्षण में एक साथ ओपीडी से गायब रहने वाले डाॅक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों की गलती पकड़े जाने के बाद भी सुधार नहीं हुआ। टीम शनिवार की सुबह 8:30 बजे ही जिला अस्पताल पहुंच गई थी।
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यहां टीम को रजिस्ट्रेशन काउंटर, पैथोलाॅजी, एक्सरे रूम में स्वास्थ्यकर्मी तैनात मिले। करीब 45 मिनट बाद सुबह 9:10 बजे तक कोई भी डाॅक्टर अपने कक्ष में नहीं मिला। इस दौरान टीम ने जब पड़ताल की तो सुबह 9:15 बजे पर फिजिशियन अनिल कुमार का कक्ष खाली मिला। वहीं सुबह 9:16 बजे पर डॉ मुकुल मौर्य का कक्ष खाली रहा। जबकि 9:16 पर डॉक्टर आरके गुप्ता भी ओपीडी कक्ष में नहीं पहुंचे थे। वहीं 9:17 पर डॉ सौरभ त्रिपाठी और जनरल फिजिशियन डॉक्टर मोहम्मद आमिर का कक्ष खाली मिला। सुबह 9:18 बजे तक डॉक्टर शैलेश कुमार सिंह और डॉक्टर चौधरी राकेश जनरल सर्जन का कक्ष भी खाली रहा।
मरीज बोले - सुबह से कर रहे इंतजार

इस संबंध में भीटी से अपने घर के एक सदस्य को बीमार होने पर उसे दिखाने के लिए आए अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि वह सुबह आठ बजकर 30 मिनट बजे ही ओपीडी में पहुंचे थे कि यहां कोई फिजिशियन से दिखवा लेंगे, लेकिन डाॅक्टर के करीब एक घंटे बाद आने पर वह उपचार करा सका। वहीं ब्राहाम्णटोला निवासी जनेश दुबे ने बताया कि खुद के बीमार होने पर वह इलाज के 8:45 मिनट पर अस्पताल पहुंचा, यहां दो फिजिशियन के कक्ष खाली देखकर वह करीब तीस मिनट बाद दोबारा पहुंचा, लेकिन उस समय भी डाॅक्टर नहीं मिले। जहां करीब दस मिनट बाद एक डाॅक्टर के बैठने पर उपचार कराया।
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निरीक्षण के बाद भी नहीं हो रहा सुधार

शुक्रवार को सीडीओ प्रशांत नागर का कोई पहला निरीक्षण नहीं था। इससे पहले बीते पांच अप्रैल को सीडीओ ने निरीक्षण किया था। उस समय भी पांच डाॅक्टर गायब मिले थे। वहीं बीते 29 मई को जिलाधिकारी प्रवीण मिश्रा ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान निरीक्षण की सूचना लीक होने से सभी डाॅक्टर ओपीडी में सुबह आठ बजे अस्पताल पहुंच गए थे। लेकिन उसके अगले दिन पड़ताल साढ़े नौ बजे तक कोई भी डाॅक्टर मौजूद नहीं मिला था।
डाॅक्टरों को ओपीडी समय पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है। इसमें लापरवाही लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं शुक्रवार के निरीक्षण की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. धनज्जय कुमार, सीएमएस जिला अस्पताल
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