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45 मृतक किसानों के खाते में जा रही थी सम्मान निधि की राशि

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मऊ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए लागू की गई थी, लेकिन इसका लाभ आयकरदाता, मृतक सहित अपात्र ले रहे हैं। शासन के फरमान पर जिला स्तर पर कराई गई जांच में खुलासा हुआ है। जांच में 7832 किसान अपात्र पाए गए हैं। कृषि विभाग की तरफ से अपात्र किसानों से रिकवरी कराने की तैयारी की जा रही है। जिले में किसानों को सीधे आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई है। योजना में किसानों को साल में तीन बार दो-दो हजार रुपया दिए जा रहे हैं।
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जिले में दो लाख 17 हजार 917 किसानों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। शासन द्वारा किसानों की पात्रता की जांच के लिए निर्देश दिए गए थे। पीएम किसान सम्मान निधि पाने वाले किसानों का सत्यापन जिले स्तर पर कराया गया। जिसमें नाम, पिता या पति का नाम, गांव, आधार संख्या, पात्र है या नहीं। किसान के पास कितनी जमीन है, खसरा-खतौनी का सत्यापन कराया गया। साथ ही सम्मान निधि लेने वाला डाक्टर, सीए, इंजीनियर, अधिवक्ता, आयकर दाता या किसी संस्थान में पंजीकृत व्यक्ति तो नहीं है।
किसान लोक सेवक के किसी पद, जिला पंचायत सदस्य, ब्लाक प्रमुख तो नहीं है। लाभार्थी को कहीं से 10 हजार से अधिक मासिक पेंशन तो नहीं मिल रही है। लाभ पाने वाले में पति-पत्नी में कोई एक ही होना चाहिए। कृषि विभाग की जांच में वर्ष 2020-21 तथा वर्ष 2021-22 में 7832 किसान अपात्र पाए गए हैं। अपात्र किसानों पर नजर डाला जाए तो 3250 आयकरदाता, 45 मृतक, 4236 गलत खाता तथा 311 अन्य शामिल हैं। अब इन किसानों को योजना से बाहर कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार अपात्रों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। अपात्रता के बाद से जो किस्त दी गई हैं उनका पैसा भी वापस लिया जाएगा। इस बाबत उप निदेशक कृषि एसपी श्रीवास्तव का कहना है कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के सत्यापन में 7832 किसान अपात्र पाए गए हैं। अपात्रता के बाद से जो किस्त दी गई है उनका पैसा भी वापस लिया जाएगा।
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