फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mau News: मुठभेड़ में घायल आरोपी बोला-प्रेमिका के पति ने कराई थी हिस्ट्रीशीटर की हत्या

विज्ञापन
रानीपुर पुलिस द्वारा मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया हत्या का आरोपी: सोर्स पुलिस प्रशासन
विज्ञापन
मऊ/रानीपुर। हिस्ट्रीशीटर राजेश सिंह उर्फ मंटू (45) की हत्या का मुख्य आरोपी विवेक गोंड पुलिस से मुठभेड़ में घायल हो गया, विवेक ने अपराध कबूलते हुए कहा कि अवैध संबंध के कारण राजेश यादव के कहने पर राजेश सिंह की हत्या कर गई। 26 अक्तूबर की शाम को बाइक से आए विवेक और मत्युंजय ने हिस्ट्रीशीटर राजेश सिंह के सीने में गोली मारी थी। पुलिस ने दूसरे आरोपी मृत्युंजय राजभर को भी गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन

मुठभेड़ रानीपुर थाना के असलपुर गांव के पास पुलिस और एसओजी और स्वाट की संयुक्त टीम से हुई। सीओ मुहम्मदाबाद गोहना शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि पुलिस और एसओजी और स्वाट टीम मामले की जांच कर रही थी। मुखबिर की सूचना मिलने पर टीमें रविवार की भोर में असलपुर गांव के पास पहुंची। हत्या के मुख्य आरोपी रानीपुर के काझा निवासी विवेक गोंड और मिर्जापुर गांव निवासी मृत्युंजय राजभर एक बाइक से आते दिखे। घेराबंदी होते देख विवेक ने तमंचे से फायरिंग कर दी, जवाबी फायरिंग में उसके बाएं पैर में गोली लग गई। जबकि अंधेरे का फायदा उठाकर भाग रहे दूसरे बदमाश मृत्युंजय राजभर को टीम ने गिरफ्तार कर लिया।
इनसेट
रेकी करने वाले तीन आरोपी दो दिन पहले ही पकड़े गए थे
सात नवंबर को पुलिस ने राजेश सिंह के आने जाने की रेकी करने वाले तीन आरोपियों रानीपुर के रामवन काझा निवासी गोल्डेन कुमार उर्फ बमबम, मिर्जापुर निवासी अमन सिंह और सरायलखंसी के पिपरीडीह ताजपुर मठिया निवासी रौनक खरवार उर्फ बंटी को गिरफ्तार किया था। इन्हीं तीनों ने मुख्य आरोपियों के नाम का खुलासा किया था। मुठभेड़ में गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने बताया कि राजेश सिंह उर्फ मंटू का गांव निवासी राजेश यादव की पत्नी से अवैध संबंध था। हिस्ट्रीशीटर होने के चलते राजेश यादव विरोध नहीं कर पाता था। राजेश यादव ने हत्या की सुपारी दी थी।
विज्ञापन


इनसेट -
विवेक पर चार और मृत्युंजय पर सात मामले हैं दर्ज

विवेक और मृत्युंजय चोरी और लूट जैसे छोटे अपराध करते-करते सुपारी किलर बन गए। दोनों के खिलाफ रानीपुर और चिरैयाकोट थाने में पहले से मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने मृत्युंजय पर वर्ष 2023 में और विवेक के खिलाफ वर्ष 2024 में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की। बावजूद इनकी आपराधिक गतिविधियां नहीं रुकी। इन्होंने छोटे बड़े कई वारदातों को अंजाम दिया। विवेक गोंड के खिलाफ रानीपुर थाने में दो और चिरैयाकोट थाना में दो मामले दर्ज हैं। जबकि मृत्युंजय के खिलाफ रानीपुर थाने में सात मामले दर्ज हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें