मऊ। 71 बसों के बेड़े वाले मऊ डिपो में 40 डिग्री तापमान में यात्री सुविधाएं बेहाल हैं। बनने के चार साल बाद भी एसी वेटिंग हॉल का ताला नहीं खुला है। भीषण गर्मी बरामदे में यात्रियों का पसीना निकाल रही है। मऊ जंक्शन के ठीक सामने 300 मीटर की दूरी पर मऊ डिपो का बस स्टैंड स्थित है। चार साल पहले डिपो के पुराने भवन को तोड़कर नया भवन बनाया गया। यात्रियों के लिए यहां कैंटीन, एसी वेटिंग हॉल बनाया गया है। लेकिन एक बार भी वेटिंग हॉल नहीं खुला।
बीच में कैंटीन खुली थी लेकिन कुछ माह बंद हो गई। 2.5 साल में बीते दो बार वहीं 29 मई को उत्तर प्रदेश परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मऊ डिपो का निरीक्षण किया था। लेकिन ताला बंद एसी वेटिंग हॉल पर उनकी नजर नहीं पड़ी। इससे पहले 12 नवंबर 2022 की रात नौ बजे बस स्टेशन पहुंचे थे, ठंड के समय नल का पानी चेक किया लेकिन तब भी वेटिंग हॉल पर नजर नहीं पड़ी थी। वहीं जिम्मेदारों से पूछने पर पता चला कि वेटिंग हॉल की देखरेख के लिए गार्ड नहीं है। जिसके चलते ताला नहीं खोला जाता है। दिन में 40 डिग्री तापमान के साथ गर्मी पड़ रही है, ऐसे में ऐसी वेटिंग हाॅल नहीं खुलने से यात्री बाहर बरामदे में बैठने को मजबूर हैं। बस पकड़ने के लिए डिपो परिसर में पहुंचने वाले बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं गर्म हवाओं के बीच घंटो बसों का इंतजार करते हैं।
मऊ डिपो की 71 बसों सहित कैंट डिपो, काशी, गाजीपुर, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, अकबरपुर, डा. अंबेडकर नगर, बलिया, आजमगढ़, गोरखपुर, देवरिया सहित अन्य डिपो की 150 से अधिक बसों का ठहराव होता है। किसी भी डिपो की बस परिसर में 15 से 20 मिनट तक ठहरती है। वहीं कभी कभी बसें लेट होने से यात्रियों को एक से डेढ़ घंटे का लंबा इंतजार करना पड़ता है।