मऊ। नवागत सीएमओ डा. सतीश चंद सिंह ने शुक्रवार को सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों और चिकित्साकर्मियों की उपस्थिति का जायजा लेने पहुंचे।सीएमओ के इस औचक निरीक्षण में पांच चिकित्सक, तीन नर्स, एक लिपिक तथा एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी सहित दस स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित रहे। सीएमओ ने तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।इनमें शहर से लगे परदहा ब्लाक स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी सहित सभी स्थाई चिकित्सक गैरहाजिर मिले।यहां पर एक नर्स एक क्लर्क और एक चपरासी अनुपस्थित मिले। कोपागंज स्थित सीएचसी पर एक लेडी डाक्टर तथा दो स्टाफ नर्स गैरहाजिर मिलीं। सीएमओ ने इन अस्पतालों पर एआरवी और एएसवी की उपलब्धता भी चेक किया। घोसी सीएचसी पर साफ सफाई का अभाव दिखा।
जिलाधिकारी के दिशा निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.एससी सिंह सुबह 8.55 बजे सीएचसी परदहा पहुंचे। उस समय अस्पताल पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.अमित सिंह, चिकित्सक डा. डीके सिंह,लेडी डाक्टर. अलका राय, डा. दिलीप कुमार ,स्टाफ नर्स फिरदौस बेगम , कनिष्ठ लिपिक निवेदिता पांडेय और चपरासी अनिल कुमार अनुपस्थित मिले। अस्पताल पर केवल संविदा चिकित्सक डा. वकार अहमद और दंत चिकित्सक डा. राहुल गुप्ता मौजूद मिले। सीएमओ ने यहां पर साफ सफाई और एआरवी और एंटी स्नैक की उपलब्धता की जांच किया। ये दोनों वैक्सीन स्टोर में मिले। इसके बाद सीएमओ सुबह 9.50 बजे कोपागंज स्थित सीएचसी पहुंचे। वहां पर महिला चिकित्सक डा. अंजुम आरा, स्टाफ नर्स अनीता वर्मा और कुसुम यादव अनुपस्थित मिली।यहां पर सीएमओ ने दवाओं की उपलब्धता और वार्डों की साफ सफाई का अवलोकन किया। इसके बाद सीएमओ 11 बजे सीएचसी घोसी पहुंचे। उन्होंने यहां पर जांच पड़ताल किया। एक चिकित्सक अवकाश प्रार्थना पत्र देकर नहीं आए थे। बाकी सभी चिकित्सक और कर्मचारी मौजूद मिले। सीएमओ ने अस्पताल में डाक्टरों के समय से ड्युटी पर न पहुंचने पर काफी नाराजगी जताया। उन्होंने सभी अनुपस्थित चिकित्सकों और कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के साथ स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया। सीएमओ ने हिदायत दी कि भविष्य में भी औचक निरीक्षण किए जाते रहेंगे। समय से ड्युटी न आने वाले डाक्टरों और कर्मचारियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।