मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने सोमवार को जिला पोषण समिति की बैठक में पोषण कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने खराब प्रदर्शन पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधार के निर्देश दिए। सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली पांच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
बैठक में सैम बच्चों को चिह्नित करने और पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती की धीमी प्रगति पर चिंता जताई गई। सितंबर माह में बड़रांव, फतेहपुर मंडाव और मोहम्मदाबाद गोहना से एक भी बच्चे को एनआरसी में भर्ती नहीं कराया गया। इस पर संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) को चेतावनी दी गई। 6 माह के बच्चों के वजन की समीक्षा में मोहम्मदाबाद गोहना में सबसे कम 88.66 फीसदी उपलब्धि पाई गई। पोषण ट्रैकर पर सैम बच्चों के पंजीकरण आंकड़ों में संदिग्धता पाए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव को जांच के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने चौथी प्रसव पूर्व जांच और गर्भवती महिलाओं के इष्टतम वजन में सुधार लाने को कहा। उन्होंने टीएचआर वितरण में शत-प्रतिशत सुनिश्चितता लाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत बालिका जन्म पर पंजीकरण बढ़ाने को भी कहा गया।