मऊ। शहर में तमाम मिठाई की दुकानों पर फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी आफ इंडिया (एफएसएसआई) के निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। ऐसी दुकानों पर मिष्ठान निर्मित होने की तिथि और एक्सपायरी तिथि नहीं लिखी जा रही है। इसकी वजह से कई मिठाइयों की निश्चित अवधि बीतने के बाद भी बेचा जा रहा है। ग्राहकों को नहीं पता होता है कि कौन सी मिठाई कब बनी है और कबतक चलेगी।
नियम यह है कि मिष्ठान भंडार पर यह साफ-साफ लिखा होना चाहिए कि कौन सी मिठाई कब बनी और कितने दिनों तक चलेगी। लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ ना हो, इसके लिए इस नियम का अक्षरश: पालन होना अनिवार्य है। लेकिन स्थिति यह है कि दुकानदार कई-कई दिन पहले बनीं हुई मिठाइयां बेखौफ होकर बेच रहे हैं। इसकी वजह से लोगों की सेहत पर बुरा प्रभाव भी पड़ रहा है। खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने गत वर्ष से इसके लिए सख्त नियम लागू किए हैं। इसके तहत मिठाई की दुकानों को भी परातों और डिब्बों में बिक्री के लिए रखी मिठाइयों के निर्माण की तारीख तथा उपयोग की उपयुक्त अवधि भी लिखना होगा। इन विवरणों का उल्लेख मिठाई के डिब्बों पर भी करना अनिवार्य है लेकिन इसका पालन नहीं हो पा रहा है। नगर के गाजीपुर तिराहा, आजमगढ़ मोड़ स्थित मिठाई की कुछ दुकानों पर ही इस नियम का पालन होता दिख रहा है। नगर के भीटी, बालनिकेतन तिराहा, गाजीपुर तिराहा, मिर्जाहादीपुरा आदि स्थानों पर मिठाई की बिक्री खुले में की जा रही है। इन मिठाइयों के निर्माण और अवधि की भी जानकारी नहीं लिखी जा रही है।
नियमों का पालन कराने के लिए दुकानदारों को जागरूक किया जाता है। कई दुकानदार इसका पालन कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से अभी भी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। अभियान चलाकर नियम का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। -एसके त्रिपाठी, अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग।