मऊ। घोसी तहसील के मझवारा कस्बा में बेहतर चिकित्सीय सुविधाओं के लिए दरियाबाद में शुरू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में न तो विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती हो सकी है न ही पर्याप्त मेडिकल संसाधन और जांच की सुविधा। रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद रिक्त होने से समुचित चिकित्सा सेवा के लिए यहां पहुंचने वाले मरीजों को जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ती है।
मार्च 2020 में मझवारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जगह दरियाबाद में नया भवन बनाने के साथ इसे सीएसची का दर्जा तो दे दिया गया। लेकिन मानक के अनुसार डॉक्टरों की तैनाती की गई और न ही चिकित्सा सेवा में विस्तार किया गया। नतीजा है कि आज भी अस्पताल में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जांच तक की सुविधा नहीं है। यहां सर्जन, बालरोग, गायनोकोलॉजिस्ट आदि विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन आज भी दो ही डॉक्टर तैनात हैं। इससे मरीजों को चौबीस घंटे चिकित्सा सेवा भी नहीं मिल रही है।
शनिवार को अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे मरीज सूर्यभान पांडेय, अंबुज यादव, सोनी तथा सुधा ने बताया कि सीएचसी में दवाओं का संकट है। साधारण बीमारियों की दवा भी नहीं मिलती।कहा कि अस्पताल में चिकित्सा सुविधा नाम की कोई चीज नहीं है। बुखार को छोड़ कोई दवा नहीं मिलती। डॉक्टर कब मिलेंगे इसका कोई भरोसा नहीं होता। रात में डॉक्टर रहते नहीं है। जांच की भी कोई सुविधा नहीं है। सीएचसी प्रभारी डॉ. शारिक कादिर अंसारी का कहना है कि चिकित्सकों की तैनाती तथा दूसरी सुविधाओं के संबंध में मेरे द्वारा उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।