मऊ। ह्दय रोग से पीड़ित एक महिला की शनिवार देर शाम इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। मरीज की मौत के बाद उसका शव पहुंचाने के लिए निशुल्क सुविधा होने के बावजूद भी शव वाहन चालक ने गाड़ी के ठीक न होने का हवाला देते हुए शव को गंतव्य तक पहुंचाने से इनकार कर दिया। वहीं बार-बार कहने पर उसके द्वारा वाहन को ठीक होने के बाद शव को पहुंचाने की बात कही। वाहन चालक द्वारा मृतक के साथ आए एक समाजसेवी से बातचीत का यह ऑडियो वायरल हो गया। उधर काफी देर तक इंतजार के बाद भी वाहन चालक द्वारा शव न ले जाते देखकर परिजन निजी वाहन से शव को लेकर जाने को मजबूर हुए।
रानीपुर थाना क्षेत्र के लोहाटिकट निवासी प्रवेश कुमार की मां बच्ची देवी (55) को शनिवार की देर शाम करीब आठ बजे ह्दयघात हुआ। परिजनों ने एंबुलेंस को फोन किया पर एंबुलेंस न मिलने पर वृद्धा को निजी वाहन से जिला अस्पताल में भर्ती कराने के लिए निकल पड़े। उधर एक वैवाहिक निमंत्रण से लौट रहे समाजसेवी श्रीराम जायसवाल ने वृद्धा को दर्द से तड़पते देखकर उसे अपने कार से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
प्रवेश ने बताया कि यहां इलाज के दौरान उसकी मां की मौत हो गई। समाजसेेवी ने बताया कि महिला की मौत के बाद जब शव को घर पहुंचाने के लिए निशुल्क शव वाहिका चालक को फोन किया गया तो उसके द्वारा वाहन में खराबी होने की बात कही गई। चालक ने बताया कि वाहन बीते कई दिनों से खराब है, इसकी जानकारी सीएमएस को है। जब वाहन बनेगा, तभी वह कोई शव ले जा पाएगा। चालक तथा समाजसेवी के बीच हुई यह बातचीत ऑडियो वायरल हो गया।
उधर, मां की मौत से व्यथित प्रवेश कुमार ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा इतने बड़े अक्षरों में निशुल्क शव ले जाने की जानकारी चस्पा की गई है। लेकिन हकीकत इससे कोसो दूर है। जिम्मेदारों के नंबर तक इससे मिटा दिया गया है। जिससे वो जिम्मेदारों को इस लापरवाही से अवगत नहीं करा सका। वहीं इस बाबत सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वो मामले में सीएमएस डॉ. ब्रज कुमार से इस बारे में जानकारी लेते है।