मऊ में दिल्ली में जंतर मंतर में जारी विरोध प्रदर्शन में शामिल सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को गिरफ्तार करने के बाद से ही मंगलवार की शाम नौ बजे से सपा में इसको लेकर आक्रोश पनपा हुआ है। मंगलवार की देर शाम गाजीपुर तिराहा पर विरोध प्रदर्शन के बाद सपाइयों ने बुधवार को गाजीपुर तिराहा से जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। यहां सपाइयों ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी सहित आठ सूत्री मांगें रखी। साथ ही केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर संविधान के उल्लंघन और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पार्टी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी सहित आठ सूत्री मांगें रखी हैं।
ज्ञापन में जिलाध्यक्ष दूधनाथ यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार संविधान के विपरीत काम कर रही है। निष्पक्ष जांच एजेंसियों को बंधुआ मजदूर बनाया गया है। चुनाव आयोग भी गुलाम की भूमिका में है। केंद्र सरकार पर चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने का आरोप है। चुने हुए मुख्यमंत्रियों को जेल भेजने तक का काम किया गया है।
छात्रों पर लाठीचार्ज और पेपर लीक की घटनाओं से उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है। छात्रों ने शिक्षा मंत्री से इस्तीफा मांगा लेकिन सरकार ने उनकी बात नहीं मानी। आगे कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की इमारत को गलत तरीके से तोड़ने का आरोप है।
समाजवादी पार्टी का कहना है कि नक्शे के नियम मुख्यमंत्री आवास और जिलाधिकारी कार्यालय पर भी लागू होंगे। विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अखिलेश यादव को प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना देने पर हिरासत में लिया गया। इसे लोकतंत्र के लिए एक काला धब्बा बताया गया है।
सपाइयों ने ज्ञापन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की गई है। जंतर मंतर पर घायल छात्रों को उचित मुआवजा देने की बात कही गई है। पेपर लीक पर कानून बनाने और प्रभावित छात्रों को मुआवजा देने की भी मांग है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को केंद्रीय सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल है।ज्ञापन देने वालों में राष्ट्रीय सचिव हाजी इरफान अंसारी, मयंक पांडे, सोनू राय, लीलावती कुशवाहा, रामजतन राजभर सहित तमाम कार्यकर्ता और नेता उपस्थित रहे।