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काम को पारदर्शी बनाने के लिए सोशल ऑडिट जरूरी

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मऊ। जिला मुख्यालय स्थित परदहां विकास खंड के सभागार में बुधवार को आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर जिला स्तरीय सोशल आडिट जनसुनवाई एवं जागरूकता कार्यक्रम पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार को संबोधित करते हुए जिला विकास अधिकारी उमेश चंद्र तिवारी ने सोशल आडिट के प्रति लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कराए जा रहे कार्यों को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से सोशल आडिट किया जाता है। सोशल आडिट एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।
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उपायुक्त एवं श्रम रोजगार मनरेगा उपेंद्र कुमार पाठक ने मनरेगा द्वारा ग्राम प्रधानों ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सेवकों द्वारा सोशल आडिट के समय सोशल आडिट टीम का सहयोग करने का निर्देश दिया। डिप्टी कलेक्टर और प्रभारी खंड विकास अधिकारी हर्षिता तिवारी ने सोशल आडिट के प्रति जन जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने और सोशल आडिट में सहयोग देने के संबंध में दिशा निर्देश दिया ब्लाक समन्वयक सोशल आडिट गोपाल शरण पांडे ने सोशल आडिट की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में कराए गए कार्यो की सोशल आडिट के सभी चरणों की जानकारी दी।
कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत लाभार्थियों को दिए जाने वाले आवास को लेकर सोशल आडिट किया जाता है। युवा कल्याण अधिकारी कृष्ण मोहन पाठक ने कहा कि सोशल आडिट एक तरफ जहां योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाने में सहायक होता है, वहीं दूसरी तरफ जन जागरूकता के लिए भी सोशल आडिट की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस अवसर पर जिला कोऑर्डिनेटर शकुंतला, एडीओ पंचायत राजेश तिवारी, भूपेंद्र सिंह, मनोज कुमार राय,ओमेंद्र चौहान, संजय कुमार दुबे,अनिल कुमार पांडेय, हरिंद्र, ज्ञानमती, शशिकला, मीना राय, हरिहर द्विवेदी, जयचंद, स्वामीनाथ, श्याम अवध, विनोद कुमार राय उपस्थित रहे।
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