ई-रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल के तहत प्रस्तावित निबंधक मित्र की तैनाती व फ्रंट कार्यालय खोले जाने के विरोध में घोसी तहसील में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और विभिन्न संगठनों का आंदोलन बृहस्पतिवार को चौथे दिन भी जारी रहा।
प्रदर्शनकारियों ने तहसील परिसर में नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला और सरकार के प्रस्ताव के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
घोसी तहसील बार एसोसिएशन, दस्तावेज लेखक संघ और अन्य संगठनों के संयुक्त नेतृत्व में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने तहसील परिसर से जुलूस निकाला। नारेबाजी करते हुए मुख्य द्वार से राष्ट्रीय राजमार्ग मार्ग और उपनिबंधक कार्यालय घोसी पहुंचे। वहां जुलूस सभा में तब्दील हो गया।
सभा में वक्ताओं ने प्रस्तावित व्यवस्था के संभावित दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की ऐसी किसी भी व्यवस्था का विरोध किया जाएगा जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार प्रभावित हो। उन्होंने अधिवक्ताओं एवं दस्तावेज लेखकों की मांगों को न्यायोचित बताते हुए शासन से प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की।
आरोप लगाया गया कि इस व्यवस्था के लागू होने से दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता, ई-स्टांप विक्रेता तथा इस कार्य से जुड़े हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी।
इस दौरान मार्कंडेय सिंह, शहरीयार खां, राजेश कुमार मौर्य, वहीजुद्दीन खान, सुरेश कुमार, अमीम खान, महेंद्र कुमार, दिवाकर चौहान आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।