मऊ। बेहतर प्रबंधन और रोडवेज बस स्टेशनों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की सरकार की योजना है। रोडवेज डिपो के भवनों पर दुकानें सजने लगेंगी। रोडवेज डिपो के भवन की छतों को व्यवसायिक उपयोग में लाया जाएगा।
रोडवेज प्रशासन की ओर से द्वारा भवन की छत को किराए पर देकर भाड़ा वसूला जाएगा। छत को किसी भी एजेंसी या व्यवसायी को 30 वर्ष की लीज पर देने की योजना बनाई गई है। राज्य वित्त मंत्री की अध्यक्षता में सोमवार की शाम छह बजे आरएम कार्यालय आजमगढ़ में परिवहन निगम के उच्चाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक संपन्न हुई। जिसमें मऊ, दोहरीघाट डिपो के एआरएम शामिल हुए। वित्त मंत्री ने दोनों डिपो की भवनों की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट पेश करने को कहा था। इससे यह तय हो सके कि उनकी छतें उपयोग के लायक हैं या नहीं।
लोक निर्माण विभाग से दोनों डिपो के भवन की छत का सर्वे कर एआरएम ने रिपोर्ट पेश की। एआरएम मऊ हरिशंकर पांडेय और एआरएम दोहरीघाट आरपी साहू ने बताया कि सर्वे सफल होने पर छतों को किराए पर देने की योजना है। रिपोर्ट दे दी गई है। दिशा-निर्देश मिलने पर आगे का काम किया जाएगा। छत को 30 वर्ष की लीज पर दिया जा सकता है या कोई भी किसी बड़े कार्यक्रमों के आयोजन के लिए भी बुक करा सकता है।