मऊ। नवंबर महीने में पुलिस विभाग द्वारा यातायात माह मनाया जाता है। लाखों रुपये खर्च करके पुलिस सड़क पर वाहन चलाने वालों को जागरूकता का पाठ पढ़ाती है। लेकिन इसके बावजूद यातायात माह में 19 सड़क हादसे हुए हैं। इन हादसों में सात लोगों की जान चली गई। जबकि 12 लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। यातायात जागरूकता का कोई लाभ लोगों को नहीं मिला। हां, पुलिस ने इस महीने में यातायात नियमों की अवहेलना करने के आरोप में साढ़े सात लाख रुपये समन शुल्क जरूर वसूल लिया है।
हर साल की भांति इस साल भी नवंबर महीना यातायात पुलिस के जागरूकता अभियान के बीच बीत गया। यातायात पुलिस ने इस माह के दौरान तिराहों चौराहों पर टेपों चालकों को जागरूक करने के साथ ही स्कूलों कालेजों में जागरूकता अभियान चलाया। छात्रों को यातायात नियमों की जानकारी देकर उनके पालन करने की नसीहत दी। यातायात नियमों की जानकारी वाले पंपलेट और पोस्टर का वितरण किया। पोस्टर बैनर लगाकर लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करने की कवायद किया।
वाहनों की चेकिंग किया। यातायात पुलिस ने एक माह की अवधि में 7115 वाहनों का चालान किया जबकि 112 वाहनों को सीज करने की कार्रवाई किया। यातायात पुलिस के जागरूकता अभियान के दौरान ही सड़क दुर्घटनांए होती रहीं। सड़क हादसों में कोई कमी नहीं आई। इस महीने में 19 सड़क हादसे हो गए। इनमें सात लोगों की जान चली गई। जबकि 12 लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पतालों में भर्ती कराए गए। जानकारों का कहना है कि यातायात पुलिस का जागरेकतार अभियान केवल औपचारिकता भर रह जाता है। चेकिंग के नमा पर समन शुल्क की वसूली होती रहती है। सड़क हादसों का यही हाल रहा और इसी दर से सड़क हादसे होते रहे तो साल भर में 84 लोगों से अधिक को जान से हाथ धोना पड़ सकता है।