मऊ। जिले मेें गड्ढामुक्त सड़क का दावा केवल कागजी साबित हो रहा है, कई बदहाल सड़कें प्रदेश के इस दावे को कागजी साबित कर रही है। इसमें एक सड़क बरलाई से धवरियासाथ को जानी वाली सात किमी सड़क मार्ग भी है। सड़क की कितनी स्थिति बदतर है, इससे बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस मार्ग पर सफर करने वाले एक घंटे से ज्यादा समय का लग रहा है। बारिश ने यह परेशानी ओर बढ़ा दी है, इस सड़क पर हर मीटर पर बने गड्ढों में पानी भर गया है।
इस मुख्य मार्ग पर तीन अस्पताल है, जबकि इसी मार्ग से कई स्कूलों के बच्चों का आवाजाही है। बावजूद सड़क की बदहाली को दूर करने को लेकर ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। बता दें कि रैनी, बैजापुर, कासिमपुर, पुराघाट, बसारतपुर, धवरियासाथ सहित 15 से ज्यादा गांवों को जोड़ने के लिए एक दशक से पूर्व बरलाई-धवरियासाथ मार्ग का निर्माण हुआ था। निर्माण के बाद भी एक बार भी इस सड़क का मेटेनेंस न होने के चलते कुछ सालों बाद यह सड़क बदहाल हो गई।
समस्या के संबंध में राजन वैदिक, बृजमोहन, राहुल राय, मारूतीशरण यादव ने बताया कि इस मार्ग पर रैनी तथा कुर्थीजाफरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा कासिमपुर में यूनानी अस्पताल है। जहां प्रतिदिन कई गांवों के मरीज इसी मार्ग से इन तीनों अस्पताल में इलाज कराने को जाते है। इसके अलावा शहर के नोमानी, तालिमुद्दीन, डीसीएसके कॉलेज में पढ़ने वाले गांव के छात्र भी इसी मार्ग से आवाजाही करते है। सड़क बनवाने की मांग को लेकर कई बार शिकायतों के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।