रतनपुरा ब्लॉक क्षेत्र के ठैचा गांव में तमसा नदी के किनारे स्थित गोदामघाट पर पुल निर्माण के लिए सुभासपा एमएलसी बिच्छेलाल राजभर ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। इसके लिए उन्होंने 25 करोड़ रुपये की मांग की है।
इस प्रस्ताव को सेतु निगम ने अपनी कार्ययोजना में शामिल कर शासन को भेज दिया है। मंगलवार को सेतु निगम की टीम ने गोदामघाट पर पहुंचकर पुल निर्माण के लिए सर्वेक्षण किया।
क्षेत्रीय लोगों की मांग पर दो वर्ष पहले लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने पीपा पुल बनाया था, जिसे वर्ष के लगभग पांच महीने, बरसात के दौरान हटा दिया जाता है। पुल नहीं होने से ठैचा ग्राम पंचायत का रेता पुरवा तमसा नदी की धारा से अलग-थलग पड़ गया है।
देखने में यह क्षेत्र गाजीपुर जिले के सीमावर्ती इलाके जैसा प्रतीत होता है। रेता पुरवा के लोगों को सरकारी लाभ लेने के लिए नाव के सहारे आवागमन करना पड़ता है। ठैचा के अधिकांश लोगों की खेती की जमीन रेता पुरवा में स्थित है। बरसात के समय जलस्तर बढ़ने पर आवागमन में काफी परेशानी होती है।
ठैचा से लगभग दो किलोमीटर दूर बसा रेता पुरवा ब्लॉक मुख्यालय, जिला मुख्यालय और अपनी मूल ग्राम पंचायत से सीधे सड़क संपर्क से नहीं जुड़ पाया है। ग्रामीणों को पंचायत तक आने-जाने के लिए नाव का ही सहारा लेना पड़ता है।
अब सेतु निगम की टीम द्वारा गोदामघाट पर पक्के पुल निर्माण के लिए किए गए सर्वेक्षण से क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि सर्वे टीम को देखकर उन्हें उम्मीद जगी है कि अब उनके दिन बदलेंगे।
पुल बनने से मूल ग्राम पंचायत, ब्लॉक मुख्यालय और जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा। गोदामघाट अंग्रेजों के समय से ही महत्वपूर्ण रहा है। यहां से मऊ, बलिया और गाजीपुर जनपद की सीमावर्ती ग्राम पंचायतें आपस में जुड़ती हैं।
फिलहाल लोगों को पीपा पुल के सहारे आवागमन करना पड़ता है, जो बरसात में असुविधाजनक हो जाता है। पक्का पुल बनने से तीनों जिलों के तटवर्ती गांवों के हजारों नागरिकों को बारहमासी आवागमन की सुविधा मिलेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के लिए दूरी भी कम होगी।
सेतु निगम द्वारा गोदामघाट पर सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सर्वे के बाद जल्द ही पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी और दशकों पुरानी मांग पूरी होगी।
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गोदामघाट पर पुल निर्माण के लिए कार्ययोजना भेजी गई है। इसके लिए 25 करोड़ रुपये की मांग की गई है। टीम ने मंगलवार को नदी के किनारे पहुंचकर सर्वे किया है। मंजूरी मिलने पर काम शुरू कर दिया जाएगा। -ज्ञानेंद्र वर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम