बीते शनिवार को बिना पंजीयन के संचालित विमला सदन अस्पताल में गर्भवती महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है।
मंगलवार को तीसरे दिन टीम ने बिना पंजीयन के संचालित कटघरा शंकर स्थित रौजा के पास संचालित खुशी सदन अस्पताल में छापे मारे। टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने अस्पताल को अंदर से बंद कर लिया था। बाद में पुलिस के पहुंचने पर अस्पताल का ताला तोड़ा गया।
इसके बाद टीम ने जांच के दौरान मिले ऑपरेशन थियेटर (ओटी) को सील कर दिया। सीएचसी प्रभारी डॉ. राजीव पांडेय ने बताया कि क्षेत्र में संचालित बिना पंजीयन के अस्पतालों के खिलाफ चल रहे अभियान के तीसरे दिन टीम दोपहर 12 बजे खुशी सदन अस्पताल पहुंची।
यहां टीम के आने की सूचना मिलने पर अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों को हटा दिया, लेकिन अंदर का सामान नहीं हटा सके थे। जब टीम पहुंची तो अस्पताल का दरवाजा अंदर से बंद था और प्रबंधन दरवाजा नहीं खोल रहा था।
ऐसे में मधुबन पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस के पहुंचने के बाद टीम अंदर पहुंची, जहां ऑपरेशन थियेटर (ओटी) मिला।
जांच में यह अस्पताल किसी डॉ. अमन कुमार के नाम से संचालित मिला। मौके पर मिले रजिस्टर में विनीता नाम की एक मरीज का उल्लेख मिला, जिसके बारे में दर्ज था कि टीम के पहुंचने से पहले उसका इलाज किया गया था तथा उसका अल्ट्रासाउंड भी कराया गया था।
डॉ. राजीव पांडेय ने बताया कि मेडिकल टीम एक दिन पहले भी जांच के लिए पहुंची थी, लेकिन उस समय भी अस्पताल बाहर से बंद मिला था, जिसके कारण कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इसके बाद मेडिकल टीम मर्यादपुर स्थित आरूषी अस्पताल पहुंची।
यह अस्पताल पहले ही टीम द्वारा सील किया जा चुका है। मंगलवार को निरीक्षण के दौरान अस्पताल पूर्व की भांति सीलबंद अवस्था में मिला।