दोहरीघाट। सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर खतरा बिंदु को पार कर गया है। नदी गौरीशंकर घाट पर लाल निशान से एक फुट ऊपर बह रही है। नदी 48 घंटे से खतरा बिंदु पार कर 70.15 मीटर पर स्थिर थी वह शनिवार की सुबह आठ बजे के बाद तेजी से बढ़ने लगी है। यह खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 30 सेमी ऊपर 70.20 मीटर पर पहुंच गई। किसानों की फसलें बंधे के नीचे वाली डूबनी शुरू हो गई हैं। नदी का पानी नवली, सरहरा, बीबीपुर, गौरीडीह, कोरौली, बेलौली,उसरा समेत आदि गांवों के किसानों की बंधे के नीचे की फसलें बाढ़ के पानी में डूब गई हैं।
चिऊंटीडांड़ से लेकर नवली तक व मुक्तिधाम के दक्षिणी छोर पर नदी की धारा टकराने से नीचे से नदी के किनारे कटान हो रही है। गौरीशंकर घाट पर नदी की बैकरोलिंग तेज हो गयी है।जिससे डोमराज का मकान पूरी तरह कटान की चपेट में है।सरयू के तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नईबाजार, गोड़ौली, लामी, कादीपुर, चिउॅटीडॉड़, बहादुरपुर, पतनई, सरयां, गोधनी, ठाकुरगांव, ताहिरपुर, जमीरा चौराडीह, पाउस, ठीकरहिया, चन्द्राबारी, रसूलपुर, सूरजपुर आदि गांवों में पानी फैलने के डर से लोग दहशत में हैं। वहीं पतनई गांव और बहादुरपुर गांव के समीप बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। बेलौली रिंग बंधे पर तथा बीबीपुर बंधे पर बारिश के कारण हुए मजदूरों को लगाकर बन्धों को दुरूस्त किया जा रहा है।
वहीं एक्सईएन वीरेंद्र पासवान ने बताया कि नदी के जलस्तर पर पल पल की नजर रखी जा रही है।एक दो दिन और नदी के जलस्तर में वृद्धि होने की उम्मीद है। बंधों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है तथा सभी बाढ़ चौकियों पर तैनात बेलदारों को अलर्ट रहने का निर्देश दे दिया गया है।