मऊ। मऊ डिपो की बसों में आग से बचाव के लिए अग्निशमन यंत्र तो लगे हैं, लेकिन आपात समय पर इसे चलाना कैसे है, नए चालकों को इसकी जानकारी नहीं है। बीते सप्ताह कुछ चालक-परिचालकों को वर्कशॉप में इसका प्रशिक्षण दिया गया था। दिन में तेज धूप के साथ तापमान 40 के पार पहुंच गया है।
गर्मी में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं। ऐसे में आग से बचाव के इंतजाम होने के बावजूद मऊ डिपो की कुछ बसें राम भरोसे की चल रही हैं। अमर उजाला की टीम ने शनिवार को मऊ डिपो की बसों में आग से बचाव के इंतजाम की पड़ताल की। इस दौरान बस स्टेशन परिसर में खड़ी मऊ डिपो की सभी बसों में अग्निशमन यंत्र लगे थे। खिड़कियां भी दुरुस्त थीं, जिससे गर्म हवा को रोका जा सके।
कुछ बसों में टीम को अग्निशमन यंत्र नहीं दिखे। चालक से पूछने पर बताया कि एक्सपायर हो चुका था, बस निकलने से पहले नया रखा जाएगा। मऊ डिपो के बेड़े में संचालित निगम की 57 बसों चलाने के लिए 86 चालक और 111 परिचालकों की तैनाती है। इनमें 14 नियमित और 72 संविदा चालक हैं। वहीं 15 नियमित, 52 संविदा और 44 आउटसोर्स परिचालक हैं। कुछ चालक परिचालकों ने बताया कि उन्हें अग्निशमन यंत्र चलाने का तरीका नहीं पता है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह पहले वर्कशॉप में प्रशिक्षण शिविर में अग्निशमन यंत्र इस्तेमाल करने का तरीका बताया गया था। लेकिन वो उस दिन बस लेकर जनपद से बाहर थे।
सभी बसों में अग्निशमन यंत्र हैं। पुराने सभी चालक परिचालकों को इस्तेमाल करने का तरीका पता है। कुछ नए चालक परिचालकों की भर्ती की गई है, उन्हें नहीं पता होगा। एक सप्ताह पहले वर्कशॉप में प्रशिक्षण दिया गया था। - हरिशंकर पांडेय, एआरएम, मऊ