दोहरीघाट। सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी रहने से तटवर्ती इलाकों के लोगों में बेचैनी बढ़ती ही जा रही है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 20 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। एक ओर जहां बाढ़ की आशंका से ग्रामीणों में दहशत है। वहीं नदी के रुख से कस्बे के ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है।
लोगों का कहना था कि जब-जब नदी का जलस्तर घटता बढ़ता है तब-तब नदी कहर बरपाती है। नदी के उग्र रूप धारण करने से मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद, हनुमान मंदिर पर खतरा मंडराने लगा है। जलस्तर पर नजर डाला जाए तो शनिवार को नदी का जल स्तर 67.70 मीटर रहा। शुक्रवार को जलस्तर 67.50 मीटर था। इस तरह 24 घंटे में नदी का जलस्तर 20 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। नदी का खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 2.20 मीटर नीचे बह रही थी।