मऊ। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट राजवीर सिंह ने किशोरी को शादी का झांसा देकर भागने तथा उसे बंधक बनाकर दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को सुनवाई के बाद दोषी पाया। उसे पाक्सो एक्ट के तहत 15 वर्ष का कठोर कारावास की सजा के साथ कुल 55 हजार रुपया अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा होने पर 15 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार, वादी की नाबालिग लड़की को आरोपी 6 जनवरी 20 को शादी के आशय से बहला फुसलाकर भाग ले गया। इस दौरान आरोपी ने पीड़िता को कमरे में बंद कर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना शहर कोतवाली क्षेत्र के मालिक ताहिर पुरा मोहल्ला निवासी हम्माद अंसारी पुत्र तुफैल अंसारी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने कुल 7 गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी हम्माद अंसारी को किशोरी को शादी के आशय से बहला फुसलाकर भागने तथा उसे कमरे में बंद कर दुष्कर्म करने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद उसे पाक्सो एक्ट के तहत 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही 30 हजार रुपया अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा हो जाने पर 15 हजार रुपया पीडिता को देने का आदेश दिया। वहीं, शादी के आशय से बहला फुसलाकर भगाने के मामले में 6 वर्ष का कठोर कारावास की सजा के साथ ही 15 हजार रुपया अर्थदंड लगाया। नाबालिग को भगाने के मामले में 4 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही 10 हजार रुपया अर्थदंड लगाया। बंधक बनाने के मामले में 6 माह की सजा का निर्णय सुनाया।