मऊ। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर का दहशत अब हर जगह दिखने लगा है। इससे रेलवे तथा रोडवेज भी अछूते नहीं दिख रहे है। हालात यह है कि रेलवे को इससे प्रतिदिन लाखों रुपये का राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यात्रियों की संख्या घटकर आधी रह गई है। इससे जिन ट्रेनों में जहां बुकिंग कराने पर आरक्षित टिकट को लेकर काफी दिक्कत होती थी, अब उन्हीं ट्रेनों में सीटें असानी से मिल रही है। वहीं इसका असर रोडवेज पर भी देखने को मिल रहा है।
जिले में कोरोना संक्रमण का ग्राफ लगतार बढ़ रहा है, महज 18 दिन पहले जहां सक्रिय मरीजों की संख्या जिले में शून्य थी, वह सोमवार को सक्रिय मरीजों की संख्या 136 तक पहुंच चुकी है। जिले में नए संक्रमित मरीजों के बाद जागरूकता कहें या दहशत। अब लोगों द्वारा लंबी दूरी की यात्रा से गुरेज बरतने लगे है। इसका असर मऊ जंक्शन पर देखने को मिल रहा है। जहां लोगों ने जहां लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों ने रिजर्वेशन कराना कम कर दिया, इससे रेलवे की आय व यात्री दोनों ही कम हो गए हैं।
डीसीआई अखिलेश सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर पिछले सप्ताह तक रिजर्वेशन काउंटर पर 400-450 फार्म आते थे, जो अब घटकर180-200 तक रह गए हैं।वहीं तीन हजार से यात्रियों की जहां आवाजाही थी, अब वह यह 1500 तक सिमट कर रह गई है। रेलवे के आय के आंकड़े को देखे तो पिछले सप्ताह तक रिजर्वेशन टिकट से रोजाना करीब तीन लाख रुपए तक औसत आय हो रही थी, जो अब गिरकर डेढ़ लाख के करीब आ गई है। इतना ही नहीं यह स्थिति उस समय है कि जब संक्रमण के तीसरे फेज का शुरूआती दौर है।
जनरल टिकट और एमएसटी का ग्राफ गिरा
रिजर्वेशन के साथ जनरल टिकट व एमएसटी का भी ग्राफ गिर रहा है। वहीं जहां पहले दादर, गोदान, साबरमति एक्सप्रेस, ताप्ती गंगा एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों में जहां पहले कंफर्म सीट को लेकर काफी परेशानी यात्रियों को उठानी पड़ती थी, वहीं अब इन ट्रेनों में सीट आसानी से मिल रही है।
रोडवेज पर भी दिखने लगा असर
मऊ। एआरएम रमेशचंद्र बताते है कि बीते एक सप्ताह से रोडवेज बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में 20 फीसदी तक गिरावट देखने को मिली है। बताया कि प्रतिदिन परिवहन निगम को जहां पिछले सप्ताह तक करीब सात लाख रुपये तक राजस्व मिल रहा था, वहीं अब यह पांच लाख रुपये तक सिमट कर रह गया है।