सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोसी।संवाद
घोसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों की सहूलियत के लिए बनाई गई पब्लिक हेल्थ यूनिट पर पूरी जांच नहीं हो पा रही है। बायोकेमिस्ट्री मशीन से होने वाली जांचों के लिए मरीजों को निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी के लिए सरकार ने सीएचसी पर ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट बनवाई है। जिम्मेदारों की हीलाहवाली से मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। बायोकेमिस्ट्री मशीन के बाद भी मरीजों को थायराइड, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, लिवर फंक्शन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट जैसी जांचों के लिए जिला मुख्यालय आना पड़ता है या निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है।
उपकरण नहीं मिलने से रखी है मशीन
सीएचसी पर नगर पंचायत के साथ आस-पास के गांव के मरीज भी उपचार कराने के लिए आते है। लेकिन यहां सिर्फ रक्त और एक्सरे की जांच ही हो पाती है। मशीन के जांच उपकरण नहीं मिलने से उसे दूसरे कमरे में रख दिया गया है। उस कमरे में अब स्त्री रोग विशेषज्ञ मरीजों का उपचार करती है। सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड और इसीजी जांच भी नहीं हो पाती है। सीएचसी पर हर रोज 150 से 200 के करीब मरीज उपचार कराने पहुंचते हैं। इनमें सिर्फ 40 से 45 मरीजों की साधारण जांच होती है, जबकि गंभीर मरीजों को उपचार के लिए जांच कराना होता है तो उन्हें जिला मुख्यालय तक ही आना पड़ता है।
मरीजों के उपचार में उपयोग होने वाले संसाधनों की कमी है। निजात के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। मंजूरी मिलने के बाद ही संसाधन को बढ़ाया जाएगा। -डॉ. एचके पंकज, सीएचसी अधीक्षक घोसी