गाजीपुर से निकली किसान जन जागरण यात्रा बुधवार को मऊ के कलेक्ट्रेट में पहुंची। किसान सभा के महा सचिव अतुल कुमार अनजान के कहा कि अखिल भारतीय किसान सभा ने नंदगंज चीनी मिल गाजीपुर के सामने एक महीने तक अनवरत धरना व 15 दिन तक सूरज पांडे पार्क में क्रमिक धरना चलाया ।
उन्होंने कहा कि गन्ना सचिव व राज्य सरकार के आश्वासन के बाद भी बंद पड़ी मिलें चालू नहीं हो सकीं। कहा कि प्रदेश में सडकों की स्थिति सबसे अधिक दयनीय है। अनियमित विद्युत कटौती से प्रदेश का किसान ;व्यापारी ;छात्र; महिलायें सभी परेशान हैं।
नहरों में टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा। इस साल दैवीय आपदा के कारण किसानों की फसल बीमा व फसल मुवावजा तो केंद्र और राज्य सरकार द्वारा घोषित धनराशि का लाभ प्रदेश के 70 प्रतिशत किसानों को नहीं मिल रहा है।
किसान सभा जनजागरण यात्रा की प्रमुख मागों को बताते हुए अतुल कुमार अनजान के बताया कि 60 साल से अधिक उम्र के सभी किसान, मजदूर ,बडई, शिल्पकार,स्त्री-पुरुष को 6000 रूपये मासिक पेन्शन प्रदेश व केंद्र सरकार मिलकर दे ।
प्रदेश में रवी व खरीफ की फसल बर्बाद होने के बाद प्रदेश व केंद्र सरकार ने छतिपूर्ति देने का वादा किया था लेकिन अब तक 30 प्रतिशत किसानों को ही मिल पाया है जिससे किसानो में रोष व्याप्त है।
गन्ने का समर्थन मूल्य 450 रुपया कुंतल दिया जाए तथा गन्ने की बकाया राशि ब्याज के साथ दिया जाय। देवकली पम्प कैनाल व शारदा सहायक परियोजनाओं की अधिकांश नहरें पट गयी हैं,इनके टेल तक सफाई कराकर पानी पहुंचाया जाए।
नन्दगंज ,रसड़ा ,छाता,देवरिया ,शाहगंज चीनी मिलों को चालू कराया जाय। स्वामीनाथ रिपोर्ट को लागू किया जाय। फसलों के लाभकारी मूल्य में 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर दिया जाय। फसल बर्बादी एवम फसल बीमा का पैसा किसानों को तत्काल दिया जाय।
रेल बजट की तरह किसान बजट भी संसद में प्रस्तुत किया जाय। जो किसान नहरी एरिया से बाहर हैं उनको 80 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर सबमर्सिबल बिजली पम्प अथवा डीजल इंजन दिये जायं। पदेश की छोटो नदियों में डैम बनाकर पानी का संचय किया जाय।
मांगो को लेकर आज किसान सभा ने कलेक्ट्रेट में सभा किया। यात्रा 11 अप्रैल से शुरू होकर 20 मई को लखनऊ में खत्म होगी ।