मऊ। खरीफ सीजन में जरूरत के अनुसार साधन सहकारी समितियों पर यूरिया की आपूर्ति न होने से किसानों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। किसानों का कहना है कि कई समितियों पर यूरिया नदारद रहने से निजी दुकानदार 280 रुपये बोरी की यूरिया 350 रुपये तक में बेच रहे हैं। जबकि विभाग का कहना है कि यूरिया की कमी नहीं है।
किसानों को समय से खाद की उपलब्धता के लिए जिले में 92 साधन सहकारी समितियां, 10 पीसीएफ, 10 डीसीएफ सहित 300 से अधिक निजी दुकानों को उर्वरक का लाइसेंस दिया गया है। बरसात के बाद धान की फसल में यूरिया की मांग है। लेकिन कई साधन सहकारी पर किसानों की मांग के अनुरूप यूरिया की आपूर्ति समय से नहीं हो पा रही है। किसानों की मानें तो 280 रुपये की प्रति बोरी की यूरिया 320 से 350 रुपये में बिक रही है।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार, डीएपी का लक्ष्य 4200 एमटी की जगह 4349 एमटी की आपूर्ति की गई है। जबकि समितियों पर 7500 एमटी के सापेक्ष 6500 एमटी की आपूर्ति कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, यूरिया सहित अन्य उर्वरक की किल्लत नहीं है। इस संबंध में किसान नेता राकेश सिंह का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से निजी दुकानों पर यूरिया 320 से 350 रुपये बोरी तक तक बिक रही है। कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। इस बाबत जिला कृषि अधिकारी सोमप्रकाश गुप्ता का कहना है कि खाद की किल्लत नहीं है। अधिक दाम पर यूरिया बेच रहे दुकानदारों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। शीघ्र ही कृभको यूरिया की रैक आने वाली है। अपर जिला सहकारी अधिकारी सुनील कुमार सिंह का कहना है कि 80 समितियों पर यूरिया भेजी गई है।
समितियों से नदारद है यूरिया
कुसुम्हा। खरीफ सीजन में साधन सहकारी समितियाें पर यूरिया नदारद है। समितियों पर यूरिया न मिलने से निजी दुकानदारों की खूब चांदी कट रही है। वह मनमाने दाम पर यूरिया बेच रहे हैं। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
क्षेत्र के कुरंगा, सियरही, दोहरीघाट, गोठा सहित विभिन्न साधन सहकारी समितियों से यूरिया सहित अन्य उर्वरक की आपूर्ति की जाती है। बारिश के बाद यूरिया की जरूरत है, लेकिन यूरिया नदारद रहने से किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। किसान शिवप्रकाश राय, रामायन प्रजापति, सियाराम आर्य, इंद्रासन विश्वकर्मा का कहना है कि निजी दुकानदार 350 रुपये से ज्यादा में एक बोरी यूरिया बेच रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।