मऊ। लगन बीतते ही हरी सब्जियों के दामों में भारी गिरावट आ गई है। उत्पादकों को हरी सब्जियों के लागत मूल्य भी मंडी में नहीं मिल रहे हैं। पालक, गोभी, पत्ता गोभी, हरी मिर्च, मूली, हरी प्याज, हरी धनिया के दाम काफी गिर गए हैं। आलू और प्याज के दामों में गिरावट आई है।
लगन के समय हरी सब्जियों के भाव आसामन पर थे। लेकिन अब लगन समाप्त हो गई है। इसलिए हरी सब्जियों के दाम काफी नीचे आ गए हैं। एक सप्ताह पूर्व तक फूल गोभी और पात गोभी सब्जी मंडी में 150 से 180 रुपये प्रति पांच किलो बिक रही थी। लेकिन अब गोभी 60 रुपये प्रति पांच किलो बिक रही है। इसी प्रकार पालक जो लगन के समय 100 से 120 रुपये प्रति पांच किलो बिक रही थी अब यह 50 से 60 रुपये प्रति पांच किलो बिक रही है।
मूली गाजर के दामों में भी कफी गिरावट आ गई है। मूली अब 20 से 30 रुपये प्रति पांच किलो बिक रही है। बैगन के दाम अपेक्षाकृत कुछ ठीक हैं। यह 120 से 150 रुपये प्रति पांच किलो बिक रही है। हरी धनिया का दाम गिरकर 20 रुपये किलो तक आ गया है। हरी मिर्च 30 से 35 रुपये प्रति किलो बिक रही है। लहसुन के दामों में भी कमी आई है। अच्छी क्वालिटी का बड़े आकर वाला लहसुन पांच सौ रुपये प्रति पांच किलो बिक रहा है। अच्छे किस्म का टमाटर 100 से 120 रुपये प्रति पांच किलो है। पहले यह डेढ़ सौ से दो सौ रुपये प्रति पांच किलो बिक रहा था। मेथी का साग भी 12 से 15 रुपये किलो है।
आलू हालांकि अभी जनपद के किसानों का तैयार नहीं हुआ है लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आवक होने के चलते सस्ता हो गया है। सफेद आलू 75 से 80 रुपये प्रति पांच किलो बिक रहा है। प्याज के दामों में प्रति पांच किलो में तीन रुपये की कमी आई है। प्याज प्रति पांच किलो 170 रुपये बिक रही थी। सब्जी उत्पादक कसारा गांव निवासी बाल चंद चौहान का कहना है कि पालक, गोभी और पात गोभी के दामों में कमी आ जाने से लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। इसी प्रकार अली नगर के अमर जीत का कहना है कि लगन के समय तो भाव कुछ ठीक मिल रहे थे लेकिन अब लगन समाप्त होते ही भाव गिर गए हैं।