श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर नगर के सिंधी कालोनी स्थित दुकान से मूर्ति की खरीदारी करते लोग।
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मऊ। भगवान कृष्ण के जन्म दिवस के पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व बुधवार को मनाए जाने की तैयारियां अंतिम दौर में चल रही है। पर्व के मौके पर पूजा पंडालों में स्थापित होनी वाली प्रतिमाओं को फाइनल टच देने में मूर्ति कलाकार लगे रहे।
भगवान कृष्ण के जन्म दिवस के पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 12 अगस्त यानि बुधवार को नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में उत्साह से मनाया जाएगा। पर्व में दो दिन ही बचे हैं, लेकिन तैयारियां अंतिम दौर में चल रही है। नगर के सिंधी कालोनी, ब्रह्मस्थान, निजामुद्दीनपुरा, सहादतपुरा, मुंशीपुरा, चौक, मिर्जाहादीपुरा, गोला बाजार, रोडवेज, मधुबन, मुहम्मदाबादगोहना, घोसी सहित विभिन्न तहसील क्षेत्रों के घरों में झांकी सजाने की तैयारी चल रही है। इसके साथ ही नगर के शीतला माता धाम, वनदेवी धाम, पावरहाउस स्थित श्रीराम जानकी मंदिर, कैलाशपुरी मंदिर, मठिया टोला शिवाला, औरंगाबाद, हनुमानघाट, ढेकुलियाघाट सिंधी बाबा की कुटी आदि मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण की झांकी सजाकर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पूजन अर्चन होगा। पर्व के मद्देनजर नगर स्थित जीवन राम इंटर कालेज के छात्रावास परिसर में गैर प्रांतों से आए दुकानदारों द्वारा लगाए गए स्टाल पर प्लास्टर पेरिस की भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक मूर्तियां लोगों को लुभा रही है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व को देखते हुए पूजा पंडालों में स्थापित होने वाली भगवान कृष्ण की प्रतिमाएं नगर के भीटी अंधा मोड़ सहित विभिन्न स्थानों पर बनाई जा रही हैं। मूर्तिकार प्रतिमाओं को फाइनल टच देने में लगे रहे। वहीं लोग पर्व के मद्देनजर पूजा सामग्री सहित विभिन्न सामानों की खरीदारी की। इस संबंध में शीतला माता धाम के प्रधान पुजारी दीपक महाराज ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व के क्रम में भाद्रपद के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि 11 व 12 अगस्त का मिल रही है। जबकि रोहिणी नक्षत्र का मान 13 अगस्त को भोर में मिल रहा है। रोहिणी के निकटता और विशेष की मान्यता को देखते हुए 12 अगस्त को जन्माष्टमी पर्व मनाना अधिक धर्मसम्मत है।