पुलिसकर्मियों की स्थानांतरण, पोस्टिंग और जनसेवा केंद्र संचालक युवती से रुपये ठगने वाले सिपाही गजेंद्र यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। निकिता जायसवाल की तहरीर पर पुलिस ने बृहस्पतिवार की रात 1.30 लाख रुपये हड़पने के आरोप में उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी।
पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया। पूछने पर उसने बताया कि युवती से लिए गए 1.30 लाख रुपये वह ऑनलाइन गेम में हार गया है।
इटावा जिले के जसवंतनगर थाना क्षेत्र के नगला नरिया निवासी गजेंद्र यादव की वर्ष 2018 में सिपाही भर्ती के दौरान नियुक्ति हुई थी। 17 दिसंबर 2025 को हाथरस जनपद से स्थानांतरित होकर वह मऊ आया था। पूर्व में तैनाती वाले जनपदों में भी इसी तरह की शिकायतों पर उसका स्थानांतरण हो चुका है। फिरोजाबाद जिले में तैनाती के दौरान धोखाधड़ी से संबंधित मामले दर्ज हैं।
बीते दिसंबर माह में इसने लालच देकर पुलिस लाइन में ट्रेनिंग कर रहे सिपाही कौशलानंद पांडेय, धीरज गोंड, पुलिस लाइन में लगी लिफ्ट में काम करने वाले हेमंत पाल के साथ महेश सिंह और अजीत पांडेय से 83 हजार रुपये ले लिए थे।
इसने इन सभी को मनचाही पोस्टिंग दिलाने का झांसा दिया था। धोखाधड़ी की बात पता चलने पर 22 दिसंबर 2025 को सभी ने पुलिस अधीक्षक को इस बारे में अवगत कराया था। इस मामले में सरायलखंसी थाना में गजेंद्र के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
अभी यह मामला निपटा नहीं था कि उसकी तैनाती घोसी तहसील में बतौर सुरक्षा गार्ड कर दी गई। वहां भी उसने मजबूरी बताकर पुलिसकर्मियों से उधार पैसे लिए।
आरोप है कि सिपाही गजेंद्र यादव बीते चार जून की सुबह 11:30 बजे कोपागंज स्थित निकिता जायसवाल के जनसेवा केंद्र पर पहुंचा। उसने अपनी तैनाती को कोपागंज थाना बताया और ट्रांजेक्शन लिमिट समाप्त होने का बहाना किया।
घर पर ईंट और बालू गिरवाने की बात कहकर जनसेवा केंद्र से 1.30 लाख रुपये अलग-अलग नंबरों पर ट्रांसफर करवा लिए। नकद देने की बात कहकर वह थाना के पास ले गया और चकमा देकर भाग गया।
कोट-
सिपाही गजेंद्र यादव के विरुद्ध मऊ सहित कई जिलों में धोखाधड़ी के मामले में प्राथमिकी दर्ज है। उसने पूर्व में भी पुलिसकर्मियों से उधार पैसे लिए और नहीं दिए। उसके विरुद्ध लोगों से वसूली की भी शिकायत मिली है। -अनूप कुमार, एएसपी, मऊ