मऊ। शीतलहर तथा बर्फीली हवा का कहर बुधवार को भी जारी रहा। जिले में दोपहर तक भगवान भाष्कर के दर्शन न होने से बाजार में भी चहल पहल कम रही। दोपहर बाद चंद समय के लिए सूर्य देवता नजर आए। रेलवे तथा रोडवेज प्लेटफार्म पर प्रतीक्षारत यात्रियों का हाल बेहाल रहा। हवा चलने के चलते धूप बेअसर हो रही थी। लोग गर्म कपड़ों मेें नजर आए।
शीतलहर का कहर जारी रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। बुधवार को तड़के से ही बर्फीली हवा चलने से लोग अपने घरों से देर से निकले। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवा ने वातावरण में गलन बढ़ा दिया है। ग्रामीण इलाकों में बड़े-बुजुर्गों की दिनचर्या अलाव के सामने सिमट कर रह गई है। सुबह काम पर जाने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। शीतलहर तथा बर्फीली हवा चलने से रेलवे तथा रोडवेज के प्लेटफार्म पर प्रतीक्षारत यात्रियों को एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा था।
बुधवार को तापमान पर नजर डाला जाए तो अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 63 प्रतिशत रही। जबकि 11 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी। ठंड के चलते बाजारों में अपेक्षाकृत कम गहमागहमी रही। शीतलहर के चलते रिक्शा, ठेला, खोमचा तथा पटरी दुकानदारों की स्थिति बद से बदतर हो गई है। शाम होते ही पटरी दुकानदार अपना दुकान समेट कर घर जाने को मजबूर हो जा रहे हैं।मध्याह् न बाद धूप निकली लेकिन हवा चलने के चलते असर नहीं हो रहा था। लोग ठिठुरते नजर आए।
आलू, सरसों की फसल में रोग लगने से किसान परेशान
मऊ/पिपरीडीह। ठंड का असर फसलों पर भी पड़ना शुरू हो गया है। शीतलहर से आलू की फसल में झुलसा रोग लगना शुरू हो गया। सरसों की फसल के फूल गिरने शुरू हो गए हैं। मजखनी गांव के किसान ओमप्रकाश सिंह का कहना था कि ठंड बढ़ने से आलू की फसल में झुलसा रोग लग रहा है।
सरसों में लगे फूल झड़ने से नुकसान हो सकता है। मजखनी गांव के किसान नंदलाल मौर्य का कहना था कि ठंड पड़ने के कारण आलू की फसल में रोग लगने की शुरुआत हो गई है।सरसों की फसल बोई है। जिसमें मौजूदा समय में काफी फूल लगे हुए हैं दाने का सांचा भी बैठ रहा, अगर इसी तरह मौसम बना रहा तो सरसों की फसलों को काफी नुकसान पहुंच सकता है। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार का कहना था कि किसानों को सतर्क रहने की जरुरत है। फसलों में रोग लगते ही कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर रासायनिक दवाओं का छिड़काव करना चाहिए।