जिले में मंगलवार को उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। लोग पसीने और गर्मी से परेशान दिखे। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर आवाजाही भी कम नजर आई। बढ़ता न्यूनतम तापमान रात में भी लोगों की नींद हराम कर रहा है।
अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की कमी और न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। मंगलवार सुबह आसमान में हल्के बादल छाए रहे। धूप सुबह कुछ धुंधली जरूर रही, लेकिन लगभग 10 बजे के बाद तेज धूप लोगों को परेशान करने लगी।
दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर आवाजाही कम रही। इस दौरान हवा की गति 10 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई। उमस भरी गर्मी के चलते घरों के भीतर भी कूलर और पंखों से पर्याप्त राहत नहीं मिल पा रही थी।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 48 प्रतिशत रही, जबकि हवा की गति 10 किमी प्रति घंटा रही।
सोमवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। न्यूनतम तापमान बढ़ने के कारण रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। मौसम में लगातार बदलाव से लोग विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
रतनपुरा : क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में गर्मी का असर जारी रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम रही।
इस संबंध में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मखना के चिकित्साधिकारी डॉ. फैजूरहमान अंसारी ने बताया कि घर से बाहर निकलने वाली गतिविधियां सुबह या शाम के समय करनी चाहिए। धूप में अधिक शारीरिक गतिविधि करने से बचना चाहिए और यथासंभव छाया में रहना चाहिए।
उन्होंने बताया कि गर्मियों में नारियल पानी, सत्तू, बेल का शरबत, छाछ, जूस और नींबू पानी का सेवन हीट स्ट्रोक से बचाव में सहायक होता है। इसके अलावा खिचड़ी, सलाद, दही, खीरा, ककड़ी और टमाटर जैसे खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करना चाहिए, जिससे शरीर में पानी की मात्रा बनी रहती है और हीट स्ट्रोक से बचाव होता है।