दोहरीघाट में मुक्तिधाम स्थित भारत माता मंदिर को ठोकर मारतीं उफनाई घाघरा की लहरें।
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घाघरा का जलस्तर स्थिर रहने के बाद भी पानी का बहाव तेज हो गया है। नदी के रौद्र रुप धारण करने से ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। नदी का पानी भारत माता मंदिर की दीवारों पर टकरा रहा है। पानी का बहाव तेज होने से नदी के कहर बरपाने का खतरा बढ़ गया है। कटान पीड़ितों की मानें तो नदी के स्थिर रहने के बाद भी हलचल जारी रहने से कटान की संभावना बढ़ गई है। रविवार को नदी का जलस्तर स्थिर रहा। इसके बावजूद खतरा बना हुआ है।
गौरीशंकर घाट पर घाघरा का जलस्तर 70.15 मीटर रहा। नदी अभी भी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 25 सेमी ऊपर बह रही है। शनिवार को भी यही स्थिति रही। नदी का जलस्तर स्थिर रहने के बाद भी नदी के उग्र रुप धारण करने से मुक्तिधाम, भारतमाता मंदिर, संतोषी माता मंदिर, खाकी बाबा कुुटी पर पानी टकरा रहा।