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Mau News: जिला अस्पताल और आयुष अस्पताल में बाहरी लोग इलाज करते मिले

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जिला अस्पताल के ओपीडी में डॉ राकेश चौधरी के चैम्बर में मौजूद बाहरी लोग।संवाद - फोटो : संवाद
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मऊ। जिला अस्पताल की ओपीडी से लेकर इमरजेंसी वार्ड और आयुष अस्पताल में बाहरी लोग इलाज करते मिले। प्रभारी सीएमएस के निरीक्षण में इसकी पोल खुली। रविवार देर शाम प्रभारी सीएमएम जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसमें दो बाहरी बैठे मिले, इसमें तो एक मरीज का उपचार कर रहा था। इधर, सोमवार को जब अमर उजाला में ओपीडी की पड़ताल कराई तो एक सर्जन के यहां भी एक बाहरी युवक बैठा मिला। इस मामले पर अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि सख्त चेतावनी दी गई है, अगर दोबारा बाहरी व्यक्ति दिखा तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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31 दिन में चार महिलाओं की बिना पंजीकरण वाले अस्पताल में मौत के बाद जिले का स्वास्थ्य विभाग इन दिनों चर्चा का विषय है। इसी बीच रविवार देर शाम आठ बजे प्रभारी सीएमएस डॉ सीपी आर्या ने इमरजेंसी वार्ड का औचक निरीक्षण किया। जहा उन्होंने युवक को पकड़ा जो कि खुद को डीफार्मा का छात्र बताया, लेकिन अस्पताल में प्रशिक्षण संबंधित कोई भी स्वीकृति पत्र नहीं दिखा पाया। वहीं एक अन्य युवक द्वारा खुद को बीएए एस डॉक्टर बताया, लेकिन वह भी कोई कागज नहीं दिखा पाया। इससे पहले इसमें से एक युवक मरीज को बोतल चढ़ाते मिला। दोनों को सीएमएस ने दोबारा बिना स्वीकृति के अस्पताल में नर्सिंग सेवा न देने की चेतावनी दी। वहीं अमर उजाला ने सोमवार को ओपीडी में बाहरी लोगों के मौजूदगी को लेकर पड़ताल की। जहां उन्हें सर्जन के कमरे में बाहरी युवक बैठा मिला, जब टीम में उससे उसकी पोस्ट पूछी तो उसने खुद निजी कर्मी बताया। बोला कि उसे डॉक्टर साहब ने ही बैठाया है। इतना ही नहीं आयुष ब्लॉक में एक डॉक्टर अपने चैंबर से गायब मिले तो एक डॉक्टर के चैंबर में दो बाहरी लोग काफी समय से बैठे मिले।
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सिटी स्कैन के नाम पर होती है वसूली
जिला अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर संचालित सिटी स्कैन में बाहरी मरीजों को सेवा देने की बात सामने आ रही है। बाहरी मरीजों को यहां जांच कराने के नाम यहां पर्चा बनवा कर आधी राशि में जांच कराने का खेल चल रहा है। यह सुविधा डॉक्टर के पर्ची पर लिखने के बाद निशुल्क है। बतातें चले कि अमर उजाला की पड़ताल में इमरजेंसी वार्ड के बाहर दो निजी एंबुलेस भी मिली थी। इससे यहां से मरीजों को निजी अस्पताल में ले जाने का मामला भी स्पष्ट हो रहा है।
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कोट
दो लोग बाहरी मेरे निरीक्षण में मिले थे, उन्हें सख्त चेतावनी दी गई है। ओपीडी में डॉक्टरों के चैंबर में बाहरी युवक के बैठे होने की बात तो उसकी जांच कराई जाएगी।
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डॉ सीपी आर्या, प्रभारी सीएमएस
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