मऊ/रतनपुरा। जिले में कोरोना संक्रमण का ग्राफ लगातर बढ़ने के बाद भी जिम्मेदारों की लापरवाही कम होते नहीं दिख रही हैं।दूसरे राज्यों से लौटने के बाद जहां अधिकांश लोग होमक्वारंटीन नहीं हो रहे हैं। वहीं इसकी निगरानी के लिए बनी निगरानी समिति के जिम्मेदार किसी के संक्रमित निकलने के बाद सक्रिय हो रहे हैं। ऐसा ही मामला रतनपुुरा ब्लाक में दिखा। जहां मुंबई से बीते सप्ताह लौटा परिवार होम क्वारंटीन के बजाए गांव के बाहर समोसा-चाय की दुकान लगाते रहे।शनिवार की देर शाम इस परिवार के तीन लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिली। इससे जहां गांव में हड़कंप की स्थिति बनी रही, वहीं प्रशासन द्वारा अब गांव को कंटेनमेंट जोन बनाने की कवायद की जा रही हैं।
रतनपुरा ब्लाक के भुडसरी गांव निवासी व्यक्ति अपने पत्नी तथा बेटे के साथ बीते 17 जुलाई को लौटा था।जहां तीनों ने 18 जुलाई को अपना सैंपल रतनपुरा सीएचसी पर दिया था।सैंपल देने के बाद आर्थिक परेशानी से यह अन्य किसी कारण से रतनपुरा-भीमपुरा मार्ग स्थित एक कॉलेज के पास चाय-समोसा बेचने लगे। इस बीच एक बार भी निगरानी समिति द्वारातो इस परिवार को होम क्वारंटीन के लिए जागरूक नहीं किया गया। शनिवार की देर रात बीएचयू से जब मुंबई से लौटे तीनों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। जिसके बाद गांव के लोगों के साथ निगरानी समिति के सदस्यों में हड़कंप की स्थिति बन गई।
जिला मुख्यालय से आई एंबुलेंस से तीनों मरीजों को कोविड अस्पताल भेजने के साथ उसके संपर्क में रहने वाले लोगों को चिहिन्त किया जा रहा हैं। हांलाकि कई ग्रामीण निगरानी समिति की सक्रियता पर सवाल उठाते रहे। वहीं इस बाबत जब बीडीओ अखिलेश गुप्ता का सवाल भी अजीब रहा। बोले कि इस बारे में वो निगरानी समिति के जिम्मेदारों से जानकारी लेते हैं।
कस्बा का प्रसिद्ध व्यापारी पुत्र सहित निकले दो पॉजिटिव
रतनपुरा। सामुुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुरा में हुए एंटीजेन टेस्ट में कस्बा निवासी एक व्यक्ति पॉजिटिव मिला। संक्रमित व्यक्ति कस्बा का प्रसिद्ध व्यापारी पुत्र हैं। इनका रतनपुरा बाजार में ही मेडिकल स्टोर, मेगा स्टोर, प्रोविजन स्टोर आदि संचालित होता हैं। इसमें तो मेडिकल स्टोर जांच रिपोर्ट आने से कुछ देर तक पहले से आने से खुली रही। वहीं रतनपुरा गांव के कोटेदार का पति शनिवार को बीएचयू से आई रिपोर्ट भी पॉजिटिव मिली।