फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुले परिषदीय स्कूल, उपस्थिति कम

विज्ञापन
ग्रीष्मावकाश के बाद घोसी के जूनियर हाईस्कूल धरौली में विद्यार्थियों को पढ़ाते शिक्षक।संवाद - फोटो : MAU
विज्ञापन
मऊ। गर्मी की छुट्टी समाप्त होने के बाद बृहस्पतिवार को परिषदीय विद्यालय बच्चों से गुलजार रहे। हालांकि पहले दिन बच्चों की संख्या कम ही रही। विद्यालय सुबह साढ़े सात से दोपहर साढ़े 12 बजे तक खुले रहे। कई विद्यालयों में एमडीएम ने बनने से बच्चें भूखे ही घर चले गए। उधर, बीएसए ने विद्यलायों का निरीक्षण किया और बच्चों की कम संख्या मिलने पर प्रधानाध्यापकों को फटकार लगाई। कहा बच्चों की शतप्रतिशत उपस्थिति होनी चाहिए। जिले में 1208 परिषदीय विद्यालयों में 1,67651 बच्चे पढ़ते हैं। परिषदीय विद्यालय बृहस्पतिवार से गर्मी की छुट्टी के बाद खुल गए। ऐसे में स्कूलों में चहल-पहल बढ़ गई। हालांकि पहले दिन स्कूलों में बच्चों की संख्या काफी कम रही। नगर क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय बकवल में मात्र तीन बच्चे विद्यालय आए। प्राथमिक विद्यालय युसूफपुरा में सिर्फ एक बच्चा स्कूल पहुंचा। शिक्षा विभाग कालोनी स्थित प्राथमिक विद्यालय में 30 बच्चे आए। नया सत्र शुरू होने के बावजूद अब तक नई पुस्तकें बच्चों को नहीं मिल पाईं। नए एडमिशन कराए बच्चों के अभिभावक प्रधानाध्यापकों से नई पुस्तकों के बारे में पूछते रहे। जिन बच्चों के पास पुस्तके नहीं थी उन्हें बोर्ड पर लिख कर पढ़ाया गया। हालांकि गर्मी को देखते हुए स्कूल का समय सुबह साढ़े सात से दोपहर साढ़े 12 बजे तक रखा गया है। वहीं शिक्षकों ने अपना कार्य डेढ़ बजे तक निपटाया।
विज्ञापन

रानीपुर : स्कूल खुलने के पहले दिन बच्चों की संख्या कम रही। कंपोजिट विद्यालय काझा नंबर दो पर 283 नामांकित छात्र छात्राओं में से महज 35 छात्र उपस्थित रहे। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय खुरहट पर 116 नामांकित छात्रों के मुकाबले 30 बच्चों की मौजूदगी रही। उधर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. संतोष कुुमार सिंह ने पहले दिन नगर सहित जिले के परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चों की कम उपस्थित देख उन्होंने प्रधानाध्यापकों को फटकार लगाई। शत प्रतिशत उपस्थिति के लिए डोर टू डोर संपर्क करने का निर्देश दिया। बीएसए कंपोजिट विद्यालय रामपुर चकिया पहुुंचे। यहां निरीक्षण में बच्चे कम मिलने पर प्रधानाध्यापक को फटकार लगाई और उनकी संख्या बढ़ाने के साथ ही कायाकल्प के कार्यो को पूरा कराने का निर्देश दिया। प्राथमिक विद्यालय अछार के निरीक्षण में शिक्षक तो रहे लेकिन बच्चों की उपस्थिति कम मिलने पर नाराजगी जताई। फिर वह पूर्व माध्यमिक विद्यालय ठकुरमनपुर तथा कंपोजिट विद्यालय गोकुलपुरा पहुंचे। यहां भी बच्चें कम मिलने पर बच्चों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया।

स्कूल खुलने पर नगर के युसुफपुरा स्थित प्राथमिक स्कूल में पहुंचे एक छात्र को पढ़ाती शिक्षिका।संव- फोटो : MAU

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें