मऊ। जब पहली बार आए तो हो रहे हमलों से डर लगा था, लेकिन दूसरे देश से दागी जा रही मिसाइलों को हवा में मार गिराने के आधुनिक सिस्टम से वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं। यह बात बृहस्पतिवार को जिले के मुहम्मदाबाद गोहना निवासी गुप्तेश्वर पांडेय ने कही। जो कि इस्राइल के तेलअवीब में जिले से गए युवाओं के साथ वहां काम कर रहे हैं। बताया कि मिसाइल गिरने से पहले ही इस्राइल द्वारा अर्लट मोबाइल पर मैसेज आ जाता है, जिसके दो मिनट के अंदर सभी को अपनी बिल्डिंग के नीचे बने बंकर में पहुंच जाते हैं।
वहीं गुप्तेश्वर ने बताया कि छह माह पूर्व अपने कई साथियों के साथ रोजगार की तलाश में यहां आए थे, उस समय भी इस्राइल का दूसरे देश से युद्ध चल रहा था। एकबारगी तो उन्हें इस माहौल में काम करना असहज सा लगा था लेकिन इस्राइल की चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था से वह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
जिले से दिसंबर 2024 इजरायल में काम करने के लिए जिले से पहले चरण में 400 से ज्यादा लोग काम करने गए हैं। वहीं दूसरे चरण में मार्च-अप्रैल में 450 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन रोजगार के लिए किया था। वर्तमान में इस्राइल और इरान के बीच बिगड़े हालात को लेकर अमर उजाला टीम ने उन युवाओं से इस्राइल में वर्तमान हालात पर बात की।
गुप्तेश्वर पांडेय पेशे से वकील भी हैं और वर्तमान में तेल अवीव में काम कर रहे हैं, उनके दो बार में अमर उजाला टीम ने 10 मिनट से ज्यादा बातचीत की। इस दौरान परिवार की चिंता करने की बात पर गुप्तेश्वर ने बताया कि उनके पिता विसंबर, माता जामित्री, पत्नी गुड़िया और बच्चे शौर्य, सानवी ने चिंतित थे, लेकिन जब उसने बताया कि वह यहां पूरी तरह से सुरक्षित हैं, तो उन्हें तसल्ली हुई।
बताया कि शुरू में वह कई बार वाट्सअप काल करते थे, जिससे उनका परिवार बिल्कुल आश्वास्त हो सके, अब उनका पूरा परिवार उनकी सुरक्षा को लेकर आश्वस्त है। अजय कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि उसे इस्राइल में आए छह माह से ज्यादा समय हो चुका है, वह वर्तमान मे तेल अवीव में काम कर रहे हैं। बताया कि वह जब पहली बार गए तो हमला होने से घबराए थे लेकिन अब वह इस्राइल की सुरक्षा व्यवस्था से सुरक्षित महसूस भी कर रहे हैॅं। उनकी इस खुशी के चलते अब उनके परिवार के सदस्य भी उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित नहीं हैं।
हर घर-भवन के नीचे बंकर बने हैं
मऊ। गुप्तेश्वर और अजय ने बताया कि दो दिन पहले वह जहां रहे रहे हैं, वहां एक मिसाइल गिरी थी। लेकिन मिसाइल गिरने से पहले ही इस्राइल द्वारा अर्लट मैसेज मोबाइल पर आ गया, जिसके दो मिनट के अंदर सभी को अपनी बिल्डिंग के नीचे बने बंकर में पहुंचना था। बताया कि मैसेज मिलते ही वह अपने साथियों के साथ बंकर में पहुंच गए थे, जहां करीब दस मिनट रहने के बाद वह वापस निकलकर अपने काम में जुट गए। बताया कि यह सुरक्षा के लिहाज से हर घर-भवन के नीचे बंकर बने हैं।
जब आतंकी हमला तो खुद लोगों ने मार गिराया
गुप्तेश्वर ने बताया कि युद्ध का सबसे ज्यादा असर तेल अवीव के दूरदराज क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि जाफा में दो लोगों ने आतंकवादी हमला किया था, लेकिन लोगों ने ही घेर कर दोनों को मार गिराया था। बताया कि यहां पब्लिक के साथ यहां के संस्था के लोगों को हथियार रखने और चलाने की अनुमति है, जिसके चलते जब यह हमला हुआ था वहां के लोगों ने दोनों को मार गिराया था।