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आंगनबाड़ी केंद्रों से पुष्टाहार नदारद

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आंगनबाड़ी केंद्र पर बंटने वाला नमकीन दलिया। - फोटो : mau
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जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पिछले चार माह से पुष्टाहार नहीं पहुंच सका है। ऐसे में केंद्रों का संचालन ठप हो गया है। पुष्टाहार न मिलने से नौनिहालों की सेहत पर असर पड़ रहा। सबसे अधिक प्रभावित कुपोषित बच्चे हो रहे।
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जिले के 2587 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पूर्व प्राथमिक शिक्षा के लिए करीब दो लाख 65 हजार 115 बच्चों का पंजीकरण हैं।
शिक्षा के साथ साथ इन केंद्रों पर बच्चों के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जाता है। केंद्र पर कुपोषित बच्चों और गर्भवती को माह में तीन दिन 5, 15 व 25 तारीख को पोषाहार वितरित किए जाने का निर्देश है। लेकिन आला अफसरों की लापरवाही से योजनाओं पर ग्रहण लग गया है।

फरवरी माह से ही जिले को पोषाहार का आवंटन नही किया गया। ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्रों पर दर्ज बच्चों की संख्या के सापेक्ष कम संख्या में बच्चे पहुंच रहे है।
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जबकि अधिकतर केंद्र नियमित रूप से खुल भी नहीं रहे हैं।  

2587 आंगनबाड़ी केंद्रों में चार माह से पुष्टाहार न वितरित होने का सबसे ज्यादा असर कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों पर पड़ा है। जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या 50 हजार 124 तो अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 15 हजार 806 है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कंचन राय का कहना है कि विभागीय अधिकारियों का दावा था कि एक जून से पुष्टाहार का वितरण शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी वितरण शुरू नहीं हो सका। 
                    
बताते चले केंद्रों पर पुष्टाहर न पहुंचने का कारण विभाग की ओर से पुराने मीनू में बदलाव किया गया है, इसके तहत नए मीनू में दलिया की जगह इनर्जी डेंस वीनिंग फूड के साथ मीठा दलिया और इनर्जी डेंस लड्डू प्रीमिक्स वितरित करना है। लेकिन मीनू के अनुसार टेंडर प्रक्रिया में लेटलतीफी के चलते पुष्टाहार केंद्रों पर नहीं पहुंच पा रहा। जिससे बच्चे प्रभ्ाावित हो रहे।  
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