मऊ। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश के क्रम में जिला जज रामेश्वर ने कोविड-19 के बढते संक्रमण के मद्देनजर न्यायालयों में न्यायिक कार्यों के संचालन के लिए दिशा निर्देश जारी किया हैं। आदेश में पीठासीन अधिकारी को निर्देश दिया है कि कोर्ट की कार्यवाही के समय कोर्ट रूम में अधिकतम 10 वकील से ज्यादा मौजूद नहीं रहेंगे। साथ ही सामाजिक दूरी के नियमों का अनुपालन करें।
न्यायालय कक्ष में अधिवक्तागण के बैठने के लिए छह कुर्सियों की व्यवस्था उचित दूरी पर व्यवस्थित की जाए। पीठासीन अधिकारी को न्यायालय कक्ष मे व्यक्तियों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने की शक्ति होगी। जहां से अधिवक्ताओं द्वारा बहस की जाती है। डीएम तथा सीएमओ एवं चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया है कि न्यायालय खुलने से पूर्व संपूर्ण न्यायालय परिसर की साफ-सफाई कराने का निर्देश दें। यदि न्यायिक अधिकारी- धिवक्तागण वर्चुवल कोर्ट की मांग करेंगें तो व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
सभी दावा प्रार्थना पत्र सिविल व क्रिमिनल को सीआईएस पर दर्ज किया जाएगा। वादों प्रार्थना पत्रों में अधिवक्तागण वादी के मोबाइल नंबर अवश्य दर्ज किए जाएंगें। यदि उसमें कोई कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिवक्तागण को सूचित किया जाएगा। उसके बाद प्रार्थनापत्र संबंधित न्यायालय मे पेश किया जाएगा। पक्षकारों द्वारा लिखित बहस न्यायिक सेवा केंद्र केन्द्रीयकृत दाखिला काउंटर में प्राप्त कराया जाएगा जो कि संबंधित न्यायालय में कंप्यूटर अनुभाग द्वारा भेजा जाएगा। न्यायालय परिसर तथा कक्ष में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति द्वारा सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना तथा मास्क लगाना अनिवार्य है।
मुख्य चिकित्साधिकारी एवं चिकित्सा अधीक्षक न्यायालय परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का थर्मल स्कैंनिग कराएंगे। वही अधिवक्तागण न्यायालय कक्ष मे प्रवेश करेगें, जिनकी पत्रावली संबंधित तिथि को नियत हो। कार्य समाप्त होने के उपरांत अधिवक्तागण न्यायालय कक्ष व परिसर को छोड देगे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुवंर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने लोगों से उक्त दिशानिर्देश का पालन करने की अपील किया है।