गाजीपुर तिराहे पर अलाव का सहारा लेते लोग।
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मऊ शीतलहर का प्रकोप जारी रहने से आम लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। मंगलवार को पारा आठ डिग्री सेंटीग्रेट रहा। इसके बाद भी ग्रामीण इलाकों के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जलवाया जा सका है। गरीब, असहाय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह सात बजे तक धुंध छाया रहा। इसके चलते ट्यूशन पढ़ने जाने वाले छात्रों तथा अपने दैनिक कार्य पर जाने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
इसके चलते लोग घरों से देर से निकले। धूप निकलने के बाद भी लोग अपने शरीर को गर्म कपड़ों से ढके रहे। शाम होते ही गलन बढ़ने से स्त्रत्त्लोग बेहाल रहे। मंगलवार को न्यूनतम तापमान आठ सेंटीग्रेट रहा। जबकि सोमवार को न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेंटीग्रेट रहा। शासन की तरफ से गरीबों तथा असहायों को ठंड से बचाने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाए जाने, कंबल वितरण के लिए फरमान जारी किया गया था, लेकिन ग्रामीण इलाकों के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है।
बढुआगोदाम : शीतलहर का प्रकोप जारी रहने के बाद भी ताजोपुर, बढुआगोदाम, डुमरांव सहित विभिन्न स्थानों पर अलाव नहीं जलवाया जा सका है। पिपरीडीह : ठंड का कहर जारी रहने के बाद भी क्षेत्र के पिपरीडीह, रैकवारडीह, कहिनौर, सुअराबोझ सहित विभिन्न इलाकों में लोग गलन से बेहाल रहे। जबकि अलवा न जलने से लोग परेशान रहे।