मऊ। शासन की ओर से परिषदीय स्कूलों के विकास के लिए विद्यांजलि योजना शुरू की गई। योजना शुरू होने के एक वर्ष बाद भी विद्यालयों के विकास के लिए जिले में किसी जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्था ने रुचि नहीं दिखाई।
विभाग की तरफ से व्यापक पैमाने पर प्रचार प्रसार करने का दावा किया गया है। जिले में 1208 परिषदीय विद्यालय हैं। निजी विद्यालयों की तरह ही परिषदीय विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं बहाल करने की कवायद चल रही है। एक वर्ष पहले शासन से परिषदीय स्कूलों के विकास के लिए विद्यांजलि योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत विद्यालय के विकास के लिए जनप्रतिनिधि, उद्यमी, स्वयंसेवी संस्था को विद्यालय को गोद लेकर स्ट्रीट लाइट, सोलर, आरओ प्लांट, अग्निशमन यंत्र, ओपन जिम, झूला, स्लाइडर, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला, उपकरण, स्टेशनरी, लाइब्रेरी के लिए किताबें दे सकते हैं। योजना शुरू होने के एक वर्ष बाद भी जनप्रतिनिधि, उद्यमियों, स्वयंसेवी संस्थाओं ने जिले में किसी विद्यालयों को गोद लेने में रुचि नहीं दिखाई। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सरकारी विद्यालयों के भवन को बेहतर करने का कार्य चल रहा है। कई विद्यालय अभी भी ऐसे हैं जहां अभी कार्य कराया जाना है।
कोट
शासन की तरफ से विद्यांजलि योजना एक वर्ष पहले शुरू की गई थी। जिले में किसी ने योजना के तहत कोई आवेदन स्कूल गोद लेने के लिए नहीं किया है। प्रयास चल रहा है।
अजीत तिवारी, जिला समन्वयक, निर्माण